शहर के जयपुर रोड पर नगर पालिका मण्डल की ओर से विकसित की जा रही ग्रीन पट्टी से मुख्य मार्ग का सौन्दर्य निखरेगा। इसे लेकर नगर पालिका की ओर से कवायद की जा रही है।
देवली. शहर के जयपुर रोड पर नगर पालिका मण्डल की ओर से विकसित की जा रही ग्रीन पट्टी से मुख्य मार्ग का सौन्दर्य निखरेगा। इसे लेकर नगर पालिका की ओर से कवायद की जा रही है।
इसके तहत पट्टिका पर बनाए ब्लॉक में पौधारोपण का कार्य पूरा हो चुका है। अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मीणा ने बताया कि उक्त ग्रीन पट्टी बनाने का उद्देश्य जयपुर रोड के सहारे स्थित जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर हरित पट्टी के रुप में विकसित करना है।
इसे लेकर राजकीय महाविद्यालय के पास से लेकर ठेठ जयपुर चुंगी नाके तक 39 ब्लॉक बनाएं गए है, जिनका आकार 12 गुणा 30 वर्गफीट है। इनमें 37 ब्लॉक बन चुके है, जबकि दो बनाने पर विचार किया जा रहा है। इन ब्लॉक में बुरड़ा मिट्टी डालकर पौधारोपण किया गया है।
इनमें पाइकस पाण्डा, हेज, गुलमोहर, नीम, बोगनवेलिया के विभिन्न रंगों के फूलदार पौधे लगाए गए है। प्रत्येक पौधे के तीन-तीन रंगों के पौधे रोपे गए है। समूचे कार्य की लागत 49 लाख रुपए है। इनमें बीसलपुर कॉलोनी के कॉर्नर पर व इसके आगे दो स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए जा रहे है, जो खुबसूरती के लिहाज से आकर्षक होंगे।
इसके अलावा ब्लॉक के पीछे सीआइएसएफ की दीवार के मध्य बची 3 फीट की जगह में बोगनवेलिया की लताएं लगाई जा रही है, जिसे मवेशी भी नहीं खाते है। वहीं एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक के बीच की जगह में नीम व गुलमोहर के पौधे रोपे जा रहे है। मौजूदा समय में पौधारोपण हो चुका है।
वहीं ब्लॉक के आगे 10 फीट चौड़ी फुटपाथ बनाई जा रही है, जिसमें ग्रेवल डलवाई गई है। इसके अलावा राजकीय महाविद्यालय के पास से कुछ आगे तक लोहे की रेलिंग्स लगाई जा रही है। अधिशाषी अधिकारी मीणा का कहना है कि पौधों के विकसित होने के बाद उक्त पट्टिका से शहर का सौन्दर्य निखरेगा।
देवली. शहर में गुरुवार को एक युवक ने सडक़ पर मिले पर्स को उसके मालिक को लौटाकर ईमानदारी का परिचय दिया है। पर्स में नकदी सहित चांदी के सिक्के रखे थे।
पुलिस ने बताया कि उक्त पर्स जाल की ढाणी निवासी युवक दिनेश कुमार मीणा को मिला। युवक जुगाड़ चालक है, जिसे जयपुर रोड से गुजरते वक्त देवली कॉलेज के पास पर्स दिखाई दिया, जिसे खोलकर देखने पर उसमें एक हजार 420 रुपए नकद, चांदी के सिक्के, डेबिट कार्ड आदि थे।
युवक ने उक्त पर्स थाने आकर पुलिस को सौंंप दिया। जिसे शाम को पुलिस एएसआई लड्डूराम की मौजूदगी में पर्स उसके मालिक जूनिया निवासी बुद्धिप्रकाश गुर्जर को सौंप दिया।