टोंक

बरसात ने फेरा किसानों के अरमानों पर पानी, कट कर खेतों में खड़ी फसल हुई खराब

बरसात से पकी हुई व कटी कटाई फसल खराब होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। पकी फसल खेत व खलिहानों में ही खराब होने से किसान दुखी है। बारिश से ज्वार, बाजरा, तिल, मूंग व उड़द आदि की प्रमुख फसलें खराब हो गई है। वहीं नमी के चलते अब सरसों की बुवाई देरी से होगी।  

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Oct 10, 2022
बरसात ने फेरा किसानों के अरमानों पर पानी, कट कर खेतों में खड़ी फसल हुई खराब
बरसात ने फेरा किसानों के अरमानों पर पानी, कट कर खेतों में खड़ी फसल हुई खराब

टोंक. जिले में रविवार को तीसरे दिन भी बरसात का दौर जारी है। ऐसे में खेतों में पानी भरने से किसान परेशान है। कट कर खेतों में खड़ी फसल खराब हो गई। वहीं नमी के चलते अब सरसों की बुवाई देरी से होगी। वहीं करीब 15 हजार हैक्टेयर में सरसों की बुवाई दोबारा होगी। बारिश से जिले में हुए फसल खराबा की स्थिति का जायजा लेने के लिए रविवार को कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार, आयुक्त कानाराम एवं अतिरिक्त निदेशक यशपाल महावत टोंक जिले के दौरे पर रहे।

प्रमुख शासन सचिव ने मूंडिया, मेहंदवास एवं बंथली का दौरा कर फसल खराबे की स्थिति का आंकलन किया। उन्होंने सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय मेहंदवास में जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक बीएल शर्मा, उपनिदेशक राधेश्याम मीणा, सहायक निदेशक दिनेश कुमार बैरवा से चर्चा की। ग्राम पंचायत बंथली में खेत में कटकर पड़ी फसल को बरसात से हुए नुकसान की स्थिति को देखा।

9050 हैक्टेयर में सोयाबीन, उड़द, बाजरा फसल में नुकसान का अनुमान

सोप. बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। इस बारिश के कारण करीब 9050 हजार हैक्टेयर एरिया के फसलों में 80 से 90 फीसदी नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। इस बारिश से खेतों में कटकर पडी सोयाबीन, उड़द, मूंग, बाजरा, मक्का की फसल नष्ट हुई है। दो दिन तक रुक- रुक कर कभी तेज तो कभी मध्यम गति से हुई बारिश से बांधों, तालाबों में पानी की आवक बढ़ी है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश नुकसान साबित हुई है। खेतों में पानी भरने से किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी। देरी के चलते गेहूं, चना, जौ की फसलों की बुवाई ज्यादा होगी। सोप, बासंला, आमली, मोहम्मदपुरा पायगा समेत आदि क्षेत्रों में में अस्सी फीसदी $फसल खराब हो गई।

मेहनत पर फिरा पानी
पीपलू. उपखंड क्षेत्र में बरसात से पकी हुई व कटी कटाई फसल खराब होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। पकी फसल खेत व खलिहानों में ही खराब होने से किसान दुखी है। बारिश से ज्वार, बाजरा, तिल, मूंग व उड़द आदि की प्रमुख फसलें खराब हो गई है।

Published on:
10 Oct 2022 09:14 am