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टोंक में नकली नोट मिलने से हड़कंप; फल-सब्जी खरीदने के बहाने खपाए, 17 विक्रेता ठगी का शिकार

Fake currency Tonk : टोंक शहर में नकली नोट खपाने का मामला सामने आया है। शहर सब्जी मंडी में दो जनों ने सब्जी समेत फल खरीदे और विक्रेताओं को नकली नोट थमा गए। इसके बाद व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं में हड़ंकप मच गया।

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टोंक

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kamlesh sharma

Jun 17, 2026

Fake currency Tonk

टोंक. सब्जी मंडी के बाहर नकली नोट दिखाती सब्जी विक्रेता। फोटो पत्रिका

टोंक। शहर में नकली नोट खपाने का मामला सामने आया है। इससे व्यापारी और लोग सहमे हुए है। यह घटना मंगलवार रात शहर की प्रमुख सब्जी मंडी में सामने आई। जहां दो जनों ने सब्जी समेत फल खरीदे और विक्रेताओं को नकली नोट थमा गए। यह नोट असली की तरह ही नजर आने पर सब्जी विक्रेताओं ने ले लिए। लेकिन बुधवार सुबह जब सब्जी का पेमेंट लेने आए आड़तिये ने नोट देखे और जांच की तो इसे नकली बताया।

इसके बाद व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं में हड़ंकप मच गया। सूचना के बाद पुरानी टोंक थाना पुलिस सब्जी मंडी पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। मंडी में 200-200 के 4 तथा 500-500 के 13 नोट आए हैं। विक्रेताओं ने बताया कि शातिर बदमाशों की ओर से अलग-अलग दुकानों पर खरीदारी कर 500 और 200 रुपए के नकली नोट चलाने से करीब 17 सब्जी विक्रेता ठगी का शिकार हो गए। घटना के बाद विक्रेताओं ने मंडी क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

ऐसे हुई घटना

सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि मंगलवार रात दो युवक सब्जी मंडी में पहुंचे और विभिन्न दुकानों पर सब्जियों के भाव पूछकर खरीदारी करने लगे। उसने कई दुकानदारों को 500 और 200 रुपए के नोट देकर भुगतान किया तथा बची हुई राशि वापस ले ली। देर रात तक किसी को नोटों के नकली होने का संदेह नहीं हुआ। बुधवार सुबह जब सब्जी विक्रेता अपनी दैनिक बिक्री की राशि मंडी के व्यापारियों के पास जमा कराने पहुंचे तो नोटों की जांच के दौरान उनके नकली होने का पता चला।

पीड़ितों ने तुरंत मामले की सूचना पुरानी टोंक थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जिन दुकानदारों के पास नकली नोट मिले, उनसे नोट एकत्रित कर जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा आरोपी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

कैमरे नहीं होने से जांच में चुनौती

सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मंडी क्षेत्र में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण आरोपी की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। यदि मंडी परिसर और आसपास के मार्गों पर निगरानी कैमरे लगे होते तो आरोपी की तस्वीर और गतिविधियां आसानी से सामने आ सकती थी। विक्रेताओं ने बताया कि पूर्व में भी विभिन्न संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों की ओर से मंडी क्षेत्र सहित प्रमुख बाजारों में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा उन्हें अभय कमांड सेंटर से जोड़ने की मांग की गई थी।

जल्द किया जाएगा खुलासा

पुलिस अधीक्षक रोशन मीना ने बताया कि नकली नोट मामले में पुलिस टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।