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Naresh Meena Update : नरेश मीणा का नगरफोर्ट थाने में सरेंडर, टोंक कोर्ट ने फिर भेजा जेल

Naresh Meena Update : एसडीएम थप्पड़ कांड केस में नरेश मीणा ने गुरुवार दोपहर नगरफोर्ट थाने में सरेंडर कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने नरेश मीणा को जेल भेजा दिया।
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टोंक

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 6 Aug 2026, 5:15 PM IST

Naresh Meena surrenders at Nagarfort police station Tonk court sent jail

Naresh Meena Update : एससी-एसटी कोर्ट के आदेश के बाद नरेश मीणा को जेल ले जाते पुलिस अफसर। फोटो पत्रिका

Naresh Meena Update : एसडीएम थप्पड़ कांड केस में नरेश मीणा ने गुरुवार दोपहर नगरफोर्ट पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें एससी-एसटी न्यायालय, टोंक में पेश किया, जहां से न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में हुई हिंसा के मामले में नरेश मीणा को मुख्य आरोपी बनाया गया था। करीब आठ माह बाद उन्हें 14 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। जमानत की शर्तों में किसी भी धरना-प्रदर्शन में शामिल नहीं होना तथा स्वागत-सत्कार जैसे आयोजनों से दूर रहना शामिल था।

आरोप है कि झालावाड़ जिले के पीपलोदी में स्कूल भवन की छत गिरने से बच्चों की मौत के बाद हुए आंदोलन में शामिल होकर उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया। इसके आधार पर नगरफोर्ट थाना पुलिस ने न्यायालय में जमानत निरस्त करने की याचिका दायर की, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने उन्हें 6 अगस्त तक आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे। समरावता हिंसा प्रकरण में नरेश मीणा सहित करीब 60 लोगों के खिलाफ मामला विचाराधीन है। अन्य आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं।

नरेश मीणा की चल-अचल संपत्ति का विवरण जुटाने की प्रक्रिया शुरू

इधर, एक अन्य मामले में विशेष न्यायालय के आदेश पर नगरफोर्ट पुलिस ने नरेश मीणा की चल-अचल संपत्ति का विवरण जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। न्यायालय के निर्देशों की पालना में पुलिस ने ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता (तहसील मोठपुर, जिला बारां) के सरपंच को पत्र भेजकर उनकी संपत्ति का पूरा ब्यौरा मांगा है, जिसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

टोंक शहर, देवली और उनियारा क्षेत्र में धारा 163 लागू

एसडीएम थप्पड़ कांड से चर्चा में आए नरेश मीणा के थाने में सरेंडर से पहले टोंक जिले में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। समर्थकों की भीड़ जुटने की संभावनाओं को देखते हुए जिला कलक्टर टीना डाबी ने टोंक शहर, देवली और उनियारा क्षेत्र में धारा 163 लागू करने का आदेश दिया था।

SDM थप्पड़ कांड़ : ये है पूरा मामला

देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान 13 नवंबर 2024 को समरावता गांव के लोगों ने उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे। आरोप है कि जबरन 3 लोगों से मतदान कराने का विरोध करते हुए नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। 14 नवंबर को पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से गिरफ्तार किया और 15 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।