पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि सिलिकोसिस पीड़ितों की हालत बहुत खराब है। उन्हें खुद को पता नहीं कब तक जिंदा रहेंगे। उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। न ही एक्स-रे होने का पता है। पहले जो सुविधा मिल रही थी वो सभी ब्लॉक किए जा चुके हैं। दौसा में फर्जी सर्टिफिकेट देते दो-तीन चिकित्सक पकड़े गए थे। इसके बाद सुविधा ही रोक दी गई। हर विभाग व स्कीम में भ्रष्टाचार होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एक-दो घटना से योजना ही रोक दी जाए। सिलिकोसिस पीड़ित तड़प रहे हैं। सांस नहीं आती है। फिर इलाज न मिलने पर क्या बीतती है? बिना ऑक्सीजन जिंदा नहीं रह सकते।