
उनियारा. प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से शिलान्यास के 15 माह बाद भी सडक़ निर्माण पूरा नहीं हो पाया। जो बनी थी वह सडक़ भी ओवरलोड वाहनों से क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे वाहन चालकों को हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि जून 2016 में 25 करोड़ की लागत से उनियारा-इन्द्रगढ़ तक कुल 23 किलोमीटर की सडक़ का सांसद सुखबीरसिंह जौनापुरिया एवं विधायक राजेन्द्र गुर्जर ने शिलान्यास किया था। इसका टेण्डर करीब 18 करोड़ रुपए का डीएलजे कंस्ट्रक्शन कम्पनी भीलवाड़ा के नाम जारी हुआ। जनवरी 2017 से ही कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने काम बंद कर दिया।
यहां से बनना था
उनियारा कृषि मण्डी से इन्द्रगढ़ टोल नाके पास जिले की सीमा तक 23 किमी के रनवे के लिए 18 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। इसके तहत 3 बड़ी पुलिया एवं छोटी जगह कई कन्वर्ड बॉक्स डालने का टेण्डर हुआ था। इसमें इस सडक़ की चौड़ाई 7 मीटर एवं सडक़ के दोनों ओर एक-एक मीटर की मिट्टी डालनी थी, लेकिन ठेकेदार ने 9 किलोमीटर तक तो एक साथ काम किया।
इसके बाद ठेकेदार ने विभागीय अभियंताओं को यह कहकर काम बंद कर दिया कि निर्माणधीन सडक़ पर आए दिन ओवरलोड वाहन निकलते हंै, इसीलिए सडक़ बनाते ही टूट जाती है।
ओवरलोड से टूट रही सडक़
सवाईमाधोपुर हाइवे का निर्माण करा रही एचजी इन्फ्रा कम्पनी के अनुसार इस मार्ग से 15 से 16 टन के वाहन ही गुजर सकते हैं, लेकिन इसके विपरीत वाहन 35 से 40 टन वजन लेकर गुुुजर रहे हैं। लााखेरी स्थित सीमेंट फैक्ट्री के ट्रोले भी 45 से 60 टन वजन लेकर गुजर रहे हैं। इससे सडक़ बनने के कुछ दिनों बाद ही टूट जाती है। इससे काम बंद करना पड़ा।
फिर बनवाया एस्टीमेट
ठेकेदार के काम बंद करने पर विभागीय अभियंताओं ने सरकार को फिर से एस्टीमेट बनाकर भेजा। इसमें पूरे रोड का रिवाइज एस्टीमेट बनवाया जाएगा। तब जाकर जनता को इस मार्ग का सुख मिल पाएगा। वरना, हिचकोले खाते-खाते एक वर्ष तो बीतने आया और आगे कब तक हिचकोले खाने पड़ेंगे। इसका भगवान ही मालिक है।
रिवाइज एस्टीमेट में बीजीएमएल डामर की चौड़ाई बढ़ाई गई है तथा ओवरलोड वाहनों पर लगाम के लिए भी उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।
रामलाल कोली, सहायक अभियन्ता, सानिवि उनियारा
ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगना आवश्यक है, अन्यथा गारण्टी पीरियड में रोड पूरा नहीं होगा। रिवाइज एस्टीमेट मिलते ही काम शुरू करेंगे।
बबलू चौधरी, ठेकेदार, डीएलजे कंस्ट्रक्शन