Gravel storage in school: खननकर्ता इतने दबंग हो गए हैं कि वे सिवायचक तथा सरकारी स्कूल के खेल मैदान तथा परिसर में बजरी का भण्डारण कर रहे हैं।
चौंकाने वाली बात ये भी है कि लगातार शिकायत के बावजूद जिला प्रशासन की टीम मूकदर्शक बनी हुई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता हैकि प्रशासन की जानकारी के बावजूद बजरी का खनन तथा परिवहन जारी है।
ऐसा ही एक मामला पीपलू उपखण्ड के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डोडवाडी में सामने आया है। विद्यालय के खेल मैदान पर खननकर्ताओं ने बजरी के ढेर लगा दिए हैं। दर्जन डम्पर यहां खाली होते हैं और फिर से यहीं से परिवहन किया जाता है।
कोई भी तो नहीं आया
ग्रामीणों तथा स्कूल प्रशासन ने खेल मैदान पर किए गए बजरी के ढेर तथा परिवहन की शिकायत पीपलू के नायब तहसीलदार, तहसीलदार तथा उपखण्ड अधिकारी से की, लेकिन एक ने भी मौके पर आकर कार्रवाई नहीं की। इसके चलते खननकर्ताओं के हौशले बुलंद है।
वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की टीम बजरी से भरे वाहनों को रोकने के बजाए नजर अंदाज करती है। इससे खनन तथा परिवहन जारी है। ऐसा ही हाल बरोनी थाना क्षेत्र में हाइवे पर रात के समय लगाए जाने वाले नाके पर देखने को मिलता है। जहां बजरी से भरे वाहन गुजरते तो हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं की जाती है। इसकी भी शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई।
कैसे खेले विद्यार्थी
डोडवाडी स्कूल के खेल मैदान पर किए बजरी के ढेर के चलते विद्यार्थी खेल नहीं पा रहे हैं। वहीं अब विशेष शिविर भी लगाया जाएगा, लेकिन बजरी परेशानी बनी हुईहै।
नहीं कर रहे सुनवाई
दबंद खननकर्ताओं ने स्कूल के खेल मैदान पर बजरी के ढेर लगा दिए हैं। इसकी शिकायत पीपलू उपखण्ड के अधिकारियों से की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बजरी के ढेर से स्कूल प्रशासन को परेशानी हो रही है।
- रामप्रसाद मीणा, प्रधानाचार्य राजकीय माध्यमिक विद्यालय डोडवाडी