
मालपुरा. उपखण्ड क्षेत्र में वर्तमान वर्ष में मानसून की बेरुखी के चलते जहां पेयजल संकट की स्थिति चारों तरफ बनी हुई है, वहीं गर्मी के मौसम में गांवों में एक मात्र ग्रामीणों के सहारे के जलस्त्रोत हैण्डपम्पों की मरम्मत करने वाले सम्पूर्ण उपखण्ड में मात्र 12 हैण्डपम्प मिस्त्री है, जिनके भरोसे कुल 36 ग्राम पंचायतों के दो हजार 8 11 हैण्डपम्प चल रहे है।
इन हैण्डपम्पों में बड़ी तादाद में हैण्डपम्प गांवों में खराब पड़े है, लेकिन उनकी सुध नहीं लिए जाने से ग्रामीणों को अपने ही स्तर पर हैण्डपम्पों की मरम्मत कर काम चलवाना पड़ रहा है। वहीं विभाग की नजर में सम्पूर्ण उपखण्ड क्षेत्र में मात्र 22 हैण्डपम्प ही खराब पड़े है।
हैण्डपंप मिस्त्रियों ने बताया कि वर्तमान में उपखण्ड की 36 ग्राम पंचायतों में लगे 2800 हैण्डपंपों की मरम्मत करने के लिए मात्र 12 हैण्डपंप मिस्त्रियों को ही लगा रखा है इन मिस्त्रियों को ही सम्पूर्ण उपखण्ड में लगे हैण्डपंपों की मरम्मत का कार्य करना पड़ता है।
मिस्त्रियों ने बताया कि हैण्डपंप संधारण के लिए कम्पलीट किट उपलब्ध नहीं है उच्च क्वालिटी का स्पेयर पार्टस नहीं होने तथा हैण्डपंप ठीक करने जाते समय संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव द्वारा आदमी उपलब्ध नहीं करवाने तथा नए हैण्डपंप मिस्त्रियों की भर्ती नहीं होने जहां नियमानुसार एक मिस्त्री के पास 40 हैण्डपंप सुधारने का कार्य होता है
वहां एक ग्राम पंचायत में लगभग 125 से 150 हैण्डपंप लगे होने से एक मिस्त्री के पास औसतन तीन ग्राम पंचायतों का भार है, जिससे उन्हें कार्य करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गांवों में गर्मी के मौसम के दस्तक देने के साथ ही पेयजल संकट की स्थिति पैदा होने लग गई है ग्रामीण पेयजल की आपूर्ति के लिए सडक़ों पर जाम लगाकर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को रखते है जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वर्तमान समय में मालपुरा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र दोनों में पेयजल के लिए बीसलपुर ग्रामीण पेयजल योजना से दो दिन में एक बार मात्र 15 से 20 मिनिट ही कम प्रेशर से पानी की सप्लाई की जाती है, जिससे लोग अपना जीवन यापन कर रहे है, ऐसे में हैण्डपम्प ही गांवो में ग्रामीणों के पेयजल का सहारा होने से समय-समय पर उनकी मरम्मत करवाने के लिए हैण्डपम्प मिस्त्रियों के अभाव में ग्रामीणों को अपने ही स्तर पर कार्य कर हैण्डपम्पों की मरम्मत कर काम चलाना पड़ रहा है।
इस सम्बन्ध में जलदाय विभाग के अधिकारियों से वार्ता करने पर उन्होंने बताया कि उपखण्ड क्षेत्र में मात्र 22 हैण्डपम्प ही खराब है तथा लम्बे समय से हैण्डपम्प मिस्त्रियों की भर्ती का कार्य नहीं होने से सभी हैण्डपम्पों की मरम्मत के लिए वर्तमान में मात्र 12 हैण्डपम्प मिस्त्री ही कार्य कर रहे है जिनको तीन-तीन ग्राम पंचायतों का जिम्मा दिया हुआ है। पाईप व पार्टस की पूर्ति के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज रखी है।