ग्राम पंचायत रानीपुरा के सरदारपुरा गांव में पानी की समस्या से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। यहां पर रहने वाले लोगों को दो से तीन किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
नगरफोर्ट. तहसील की ग्राम पंचायत रानीपुरा के सरदारपुरा गांव में पानी की समस्या से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। यहां पर रहने वाले लोगों को दो से तीन किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नगरफोर्ट तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए टंकी बनी हुई है, जिसमें पिछले एक महीने से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है।
इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को 3 किलोमीटर दूर ग्राम देवपुरा से पीने का पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पीने के पानी की टंकी बनी हुई है, जिसकी सप्लाई मांडकला से रानीपुरा होती हुई सरदारपुरा आ रही है। लाइन से गांव सरदारपुरा के पीने के पानी की टंकी का भराव होता है।
लेकिन बीच में ही ग्राम रानीपुरा के प्रभावशाली लोगों ने अवैध कनेक्शन कर रखा है। इससे गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर अवैध कनेक्शन काटने व गांव पेयजल आपूर्ति करने की मांग की है। इस दौरान परसराम, भागचंद ,शुभम, प्रवेश, रामकरण, रामङ्क्षसह मीना, पंकेश, बबलू, रामदेव मौजूद रहे।
जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित
टोंक. जिले में पेयजल की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पीएचईडी ने जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। इसका टेलीफोन नंबर 01432-247436 है। इस संबंध में जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने जलदाय विभाग और आरयूआईडीपी के अधिकारियों की बैठक भी ली। जिले के लोग पेयजल से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए नियंत्रण कक्ष के टेलीफोन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला कलक्टर ने पीएचईडी के अभियंताओं को निर्देश दिए कि जिन गांवों में पानी की समस्या है, वहां जल्द पानी उपलब्ध कराया जाए। पीएचईडी के अधिशासी अभियंता मोहन लाल मीणा ने बताया कि क्षेत्र के सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता को शिकायत से अवगत कराएंगे और शिकायत के निराकरण के बाद रजिस्टर में की गई कार्रवाई का ब्योरा दर्ज करेंगे।
किल्लत से ग्रामीण परेशान
आवां. ख्वासपुरा ग्राम पंचायत के चाननपुरा और ढीकला गांव में इन दिनों पीना का पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। पानी की किल्लत की समस्या को लेकर ढ़ीकला और चाणनपुरा की महिलाओं और पुरुषों ने गांव के मुख्य चौराहे पर प्रदर्शन किया। गांव के राम अवतार गुर्जर ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना के तहत बीसलपुर बांध का पानी पाइप लाइन के जरिए हर गांव हर ढ़ाणी तक घर-घर में पहुंचाया जाना था। जिसके तहत इन गांवों में जगह-जगह नल पोइंट भी लगाए गए। लेकिन पानी की टंकी से नहीं जोडने के कारण उनमें पानी की बूंद तक नहीं आती है। महिलाओं को दूर दराज से पीने का पानी लाना पड़ता है। गांव में लगे निजी बोङ्क्षरग और नलकूपों का पानी फ्लोराइड युक्त होने से पीना तो दूर इससे दूध फट जाता है। सरपंच हेमराज मीणा ने बताया कि कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया है।
परेशान महिलाएं पहुंची प्रशासन के पास
बनेठा. उप तहसील मुख्यालय पर जलदाय विभाग की अनदेखी के कारण नलों में कम दबाव से पानी का वितरण हो रहा है। इससे ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल संकट से परेशान महिलाओं ने नायब तहसीलदार हंसराज मीणा को ज्ञापन देकर नलों में पीने का पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की मांग की है। सुनीता देवी, सम्पत देवी, सूरता ने बताया कि वार्ड 4 में बहुत ही कम दबाव से नलों में पानी आ रहा है।