
Tonk News : टोंक शहर में विदेशी नशे के कारोबार से जुड़ी बड़ी खेप का खुलासा हुआ है। जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने कार्रवाई करते हुए पांच किलोग्राम हाइ ग्रेड विदेशी गांजा बरामद किया है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब पांच करोड़ रुपए बताई जा रही है। टोंक जिले में विदेशी गांजे की यह पहली और अब तक की सबसे बड़ी खेप पकड़े जाने की बात सामने आई है। जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने कार्रवाई के दौरान लालाराम (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
उसके कब्जे से पांच किलोग्राम ओजी नामक गांजा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार इसकी कीमत 50 लाख से एक करोड़ रुपए प्रति किलोग्राम तक बताई जा रही है। आरोपी के कब्जे से एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि हाइ ग्रेड ओजी गांजा कैलिफोर्निया और मलेशिया से अवैध तरीके से भारत लाया जाता है। इसके बाद इसे अवैध सप्लाई नेटवर्क के जरिए अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया जाता है।
आरोपी के इस खुलासे के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विदेशी गांजे की खेप भारत में कहां पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निवाई थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।
बीसलपुर परियोजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के बाद बड़ागांव की सड़क राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। पाइप लाइन डालने के लिए सड़क खोदी गई, काम पूरा हुआ और ठेकेदार चला गया, लेकिन सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ता होने से ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे है कि दोपहिया वाहन चालकों को हर कदम संभलकर आगे बढ़ना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पाइप लाइन बिछाने से पहले सड़क खोदते समय ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में करने का भरोसा दिया था। पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हुए समय बीत गया, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। इसके चलते सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि रात के समय सड़क की स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है।