
मतदान बहिष्कार की चेतावनी: प्रशासन ने ग्रामीणों से की समझाइश, 5 मांगों का दिया आश्वासन
टोंक जिले के पीपलू उपखंड क्षेत्र के नाथड़ी पंचायत के गांव सिसोला के ग्रामीणों की ओर से मतदान बहिष्कार की चेतावनी के मामले में उपखंड प्रशासन ग्रामीणों के बीच पहुंचा। गांव के ठाकुरजी मंदिर पर ग्रामीण एकत्रित हुए जहां उपखंड अधिकारी वर्षा शर्मा, तहसीलदार इन्द्रजीत चौहान ने ग्रामीणों से बातचीत की।
सिसोला के सर्व समाज के प्रतिष्ठित लोगों ने गत दिनों आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव से तहसील मुख्यालय तक दो प्रमुख मार्गों पर पक्की सडक़ नहीं बनने, पानी की समस्या, श्मशान घाट, आम रास्तों पर हो रखे अतिक्रमणों पर कार्रवाई नहीं होने के चलते प्रदर्शन कर मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
साथ ही बीएलओ के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारी तक ज्ञापन पहुंचाया था। इसके बाद से ही लगातार प्रशासन ग्रामीणों से समझाइश में जुटा हुआ हैं।
इस दौरान सरपंच कपिला गुर्जर, बृजमोहन सिसोला, ओमप्रकाश, रामकरण, लक्ष्मीनारायण प्रजापत, जगराम मीणा, सुरेश जाट, बजरंग बैरवा, रामलाल खंगार, देवालाल ने बताया कि वर्षों से गांव के लोग विकास की आस में बढ़ चढ़ कर मतदान करते आ रहे हैं लेकिन आज तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है। जिसके चलते इस बार बहिष्कार का निर्णय किया था।
इसको लेकर गत दिनों भी प्रशासन ने उनके बीच आकर 10 दिन में मवासीपुरा श्मशान घाट, आम रास्ते पर हो रखे अतिक्रमण को हटाने की बात कही थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई हैं। उपखंड अधिकार वर्षा शर्मा ने ग्रामीणों को बताया कि चुनाव के चलते प्रशासन एवं पुलिस सभी व्यस्त है। मतदान के बाद प्राथमिकता के साथ सभी समस्याओं को समाधान किया जाएगा।
हालांकि इस दौरान ग्रामीण समझाइश पर बढ़ चढ़ कर मतदान करने के सहमत हो गए तथा कहा कि इस चुनाव के बाद उनकी मांगे प्रमुखता से पूरी की जाएं। मांगे पूरी नहीं होने पर लोकसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।
जल जीवन मिशन में मिल चुकी है स्वीकृति
गांव में पानी की समस्या के संबंध में पीएचईडी विभाग के सहायक अभियंता प्रांशु विजयवर्गीय, कनिष्ठ अभियंता सीताराम चौधरी ने बताया कि जल जीवन मिशन में घर-घर नल कनेक्शन को लेकर स्वीकृति मिल चुकी है। जिसकी निविदा प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी हैं। कार्य चुनाव के बाद शुरु हो जाएगा।
सडक़ को लेकर भेजा जाएगा प्रस्ताव
सिसोला गांव से पीपलू तहसील मुख्यालय तक दो प्रमुख मार्गों पर पक्की सडक़ नहीं बनने के मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता देवीराम मीणा ने बताया कि गांव आवागमन को लेकर सोहेला-डिग्गी मार्ग तक डामर सडक़ से जुड़ा है। वहीं पीपलू से सीधा संपर्क मार्ग को जोडऩे को लेकर सरकार को पूर्व में तकमीना भेजा गया था।
वर्तमान में दोनों मार्गों पर करीब 7.5 करोड़ का तकमीना बनकर तैयार है। जिसको पुन: राज्य सरकार को भेजा जाएगा। ग्रामीणों की इस मुख्य मांग को पूरी करने के लिए प्रशासन सहमत है तथा प्राथमिकता से इसे जोडऩे का कार्य किया जाएगा।
यह रखी प्रमुख मांगें
1. सिसोला से कल्याणपुरा जाटान तक डामरीकरण सडक़ निर्माण
2. सिसोला से पीपलू बसस्टैंड तक डामरीकरण सडक़ निर्माण कार्य
3. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय को महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय में परिवर्तन करने या उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत करने
4. सिसोला में पशु चिकित्सालय खोले जाने
5. मासी नदी पर ग्राम पंचायत द्वारा बनाए गए एनिकट को ङ्क्षसचाई विभाग को सौंपकर पुन: निर्माण कराए जाने