Water will be released from the Galwa dam for irrigation: जिले के सबसे बड़े एवं राज्य के दसवें नम्बर पर आने वाले गलवा बांध की नहर 9 नवम्बर को कमाण्ड क्षेत्र के किसानों की रबी की फसल की सिंचाई के लिए खोल दी जाएगी।
उनियारा. यहां स्थित कच्चे बांधों की श्रेणी में जिले के सबसे बड़े एवं राज्य के दसवें नम्बर पर आने वाले गलवा बांध की नहर 9 नवम्बर को कमाण्ड क्षेत्र के किसानों की रबी की फसल की सिंचाई के लिए खोल दी जाएगी। यह निर्णय शुक्रवार को यहां कृषि उपज मण्डी प्रांगण में आयोजित गलवा बांध जल वितरण समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक संभागीय आयुक्त लक्ष्मीनारायण मीणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में किसानों ने नहरों की साफ-सफाई एवं मरम्मत नहीं होने को लेकर हंगामा किया। छात्र किसान महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने कहा कि गलवा बांध की नहरों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए 645 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उक्त राशि लेप्स हो गई और नहरों का कोई कार्य नहीं हुआ।
इस पर जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियन्ता रवि सारस्वत ने कहा कि उक्त राशि नाबार्ड से जारी होनी थी। नाबार्ड द्वारा राशि जारी नहीं किए जाने से कोई पैसा नहीं आया। किसान नेता काशीराम चौधरी ने नहर के अन्तिम छोर तक पानी पहुंचाने की बात कही। इस पर जिला कलक्टर किशोर कुमार शर्मा नेे जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशीत किया कि किसी भी सूरत में 5 नवम्बर तक नहरों की मरम्मत एवं सफाई का कार्य पूरा हो जाना चाहिए।
संभागीय आयुक्त लक्ष्मीनारायण मीणा ने सभी बिन्दुओं को सुनने के बाद 9 नवम्बर को बांध की नहर खोले जाने की घोषणा की।बैठक में गलवा बांध जल उपभोक्ता संगम के चेयरमैन कालूराम गूर्जर, पालिकाध्यक्ष राकेश बडाया, जल उपभोक्ता संगम अध्यक्ष कैलाश चौधरी, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियन्ता गजानन्द सामरिया, उपखण्ड अधिकारी चौथ का बरवाडा राहुल सैनी सहित अनेक जनप्रतिनिधी, किसान, सरकारी विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।