
टोंक. जिले में कोरोना संक्रमण शहरों के साथ गांवों में भी पैर पसार चुका है। राज्य सरकार की ओर से भले ही एक मई से 18 से 44 वर्ष तक के लिए वैक्सीनेशन के दावे किए गए है, लेकिन जिले में अभी भी युवाओं के लिए वैक्सीनेशन दूर की कोड़ी बनी हुई है। हालात यह है कि युवाओं को दूसरे जिले में सेंटर बुक करना पड़ रहा है, तो कुछ युवाओं के स्लॉट बुक होने के बाद भी दूसरे दिन सूची में नाम नहीं होना बताया जाने पर वापस लौटना पड़ रहा है।
जिले मेें 18 से 44 वर्ष तक युवाओं व लोगों के वैक्सीनेशन के लिए पांच हजार कोविशिल्ड डोज आवंटित की गई थी, जिसमें फ्रंट लाइन वर्कर को प्राथमिकता देते हुए जिला एवं उपखण्ड मुख्यालय वैक्सीनेशन किया जा रहा है, जिसमें भी अभी पीपलू उपखण्ड को शामिल नहीं किया गया है। जिला मुख्यालय पर करीब एक सप्ताह से हाउसिंग बोर्ड स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर एवं मातृ-शिशु कल्याण केन्द्र पर वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इसके लिए कोविन एप पर स्लॉट बुक करवाना पड़ रहा है। उसके बाद दूसरे निर्धारित समय पर केन्द्र पर जाकर वैक्सीनेशन करवाना पड़ रहा है।
वापस निराश लौट रहे: काफी मशक्कत के बाद स्लॉट बुक होने के बाद वैक्सीनेशन केन्द्र पर कतार में लगने के बाद भी कई युवाओं को सूची में नाम नहीं होना बताया जाकर वापस लौटाया जा रहा है। ज्यादा पूछताछ करने या स्लॉट में रजिस्टे्रशन के बारे में बताने पर सीधे सीएमएचओ कार्यालय में सम्पर्क करने को कहा जा रहा है। और वहां से भी संतुष्ट नहीं किया जा रहा है।
पीपलू के युवा टोंक-निवाई की राह पर: जिले में एक मात्र पीपलू उपखण्ड पर 18 से 44 वर्ष के लिए वैक्सीनेशन शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में उपखण्ड क्षेत्र के युवा निर्धारित स्लॉट में 28 किलोमीटर दूर टोंक व 32 किलोमीटर दूर निवाई में वैैक्सीनेशन करवाने जा रहे है।
अन्य जिलों की राह पर
दिन भर नेट ऑन रखने के बाद भी कुछ सैकण्ड में बुकिंग लिखा हुआ आने पर युवा स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे है। ऐसे में देवली क्षेत्र के युवा हिण्डोली-बूंदी जिले के वैक्सीनेशन केन्द्र पर स्लॉट आवंटित करवा रहे है। वहीं निवाई क्षेत्र के बौंली व चौथ का बरवाड़ा में जाकर वैक्सीनेशन करवा रहे है। वहीं चाकसू क्षेत्र के युवा निवाई मेें रजिस्ट्रेशन करवा कर वैैक्सीनेशन करवा रहे है, जबकि जिले के युवाओं को निराशा हाथ लग रही है।
कोविन एप का जिला मुख्यालय से किसी भी प्रकार का नियंत्रण नहीं है। वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट पांच से छह बजे के बीच खुलता है। यह सही बात है कि वैक्सीन कम होने के कारण युवाओं को पर्याप्त मात्रा में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। वहीं किसी भी वैक्सीन सेंटर का चयन किया जा सकता है।
डॉ. गोपाल जांगिड़, जिला वैक्सीनेशन इंचार्ज, टोंक