
Shayad Yahi Hai Pyaar Story: कलर्स की लिमिटेड सीरीज ‘शायद यही है प्यार’ प्यार और रिश्तों को लेकर बनी पारंपरिक सोच पर सवाल उठाती है। शो की कहानी 35 साल की प्रीति अरोड़ा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने करियर में कामयाब और आत्मनिर्भर है, लेकिन शादी और घर बसाने को लेकर परिवार और समाज की उम्मीदों का सामना कर रही है। कहानी में उस वक्त नया मोड़ आता है, जब उसकी जिंदगी में 25 साल का आरव आता है, जो उससे 10 साल छोटा है। दरअसल, ये सीरियल की टीवी पर आते ही छा गया है, दर्शक इसे काफी पसंद कर रहे है।
शो में प्रीति का किरदार निभा रहीं अदिति देव शर्मा का कहना है कि प्यार को उम्र के दायरे में नहीं बांधा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, कहानी इसी सवाल को सामने रखती है कि क्या किसी रिश्ते को सिर्फ इसलिए अलग नजर से देखा जाना चाहिए क्योंकि दोनों की उम्र में अंतर है।
अदिति देव शर्मा ने अपने किरदार के बारे में बताया कि प्रीति 35 साल की आत्मविश्वासी, स्वतंत्र और मेहनती महिला है। वह प्रोफेशनली सफल है, लेकिन ऑफिस की राजनीति के साथ-साथ अपने माता-पिता और समाज की ओर से शादी और घर बसाने के दबाव का सामना करती रहती है।
प्रीति के लिए कहानी उस मोड़ पर पहुंचती है, जहां उसे खुद से सवाल करना पड़ता है कि वह जिंदगी में वास्तव में क्या चाहती है। साथ ही उसे यह भी समझना है कि उसके फैसले उसकी अपनी पसंद हैं या समाज और आसपास के लोगों की उम्मीदों से प्रभावित हैं।
कहानी में आरव की एंट्री प्रीति की जिंदगी को एक अलग दिशा देती है। आरव 25 साल का है और प्रीति से 10 साल छोटा है। दोनों के बीच उम्र का यह अंतर कहानी का अहम हिस्सा है। अदिति के मुताबिक, आरव के साथ प्रीति को पहली बार ऐसा महसूस होता है कि उसे कोई पूरी तरह समझ रहा है और वह उसके साथ सहज महसूस करती है। यही रिश्ता प्रीति को प्यार, उम्र और समाज की बनाई धारणाओं को नए नजरिए से देखने के लिए मजबूर करता है।
‘शायद यही है प्यार’ की कहानी ‘दिल बस दिल देखता है’ की सोच पर आधारित है। शो यह सवाल उठाता है कि किसी रिश्ते में उम्र का अंतर कितना मायने रखता है और क्या समाज की तय की गई ‘सही उम्र’ की सोच किसी व्यक्ति की निजी पसंद पर हावी होनी चाहिए। प्रीति और आरव की कहानी के जरिए सीरीज प्यार, व्यक्तिगत पसंद और समाज की उम्मीदों के बीच के टकराव को सामने लाने की कोशिश करती है।