
Ankita Lokhande-Rajiv Adatia Support Premanand Maharaj: सोशल मीडिया पर इन दिनों कथावाचक अनिरुद्धाचार्य और प्रेमानंद महाराज काफी सुर्खियों में हैं। कुछ समय पहले अनिरुद्धाचार्य के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद कुछ लोगों ने प्रेमानंद महाराज का भी एक वीडियो ढूंढ निकाला और उसे वायरल कर दिया। इस वीडियो में प्रेमानंद महाराज कहते दिखे थे कि 100 में से सिर्फ 2 से 4 लड़कियां ही पवित्र होती हैं।
हालांकि, प्रेमानंद महाराज ने अपने इस वीडियो में लड़का और लड़की दोनों लिंगों के बारे में बात की थी। इसके बाद भी लोगों को यह बात अच्छी नहीं लगी और उन्होंने प्रेमानंद महाराज को ट्रोल करना शुरू कर दिया। अब टीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे और ‘बिग बॉस’, ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ’ जैसे शो में नजर आ चुके राजीव अदातिया ने प्रेमानंद महाराज को सपोर्ट किया है और पोस्ट शेयर किया है।
राजीव अदातिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल इंस्टाग्राम पर प्रेमानंद महाराज की वायरल टिप्पणी का पूरा वीडियो पोस्ट किया और लिखा, “बिल्कुल सही कहा। कान खोलो। उन्होंने दोनों लड़की और लड़के के लिए बोला है और वह जो बोल रहे हैं, वह बिल्कुल सही है। प्रेमानंद महाराज को पूरा समर्थन। इस दौर में, उनके जैसे लोग अध्यात्म की सरलता को वापस लाते हैं। कुछ भी गलत नहीं बोला उन्होंने।” राजीव के इसी पोस्ट को अंकिता लोखंडे ने भी अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और आध्यात्मिक गुरु का सपोर्ट किया।
बता दें, प्रेमानंद महाराज ने अपने एक प्रवचन के समय कहा था कि एक लड़के से ब्रेकअप, दूसरे से व्यवहार। फिर दूसरे से ब्रेकअप फिर तीसरे से व्यवहार और व्यवहार व्यभिचार में परिवर्तित हो रहा है। कैसे शुद्ध होगा? जब जुबान को चार होटल का भोजन खाने की आदत पड़ गई है तो उसे घर की रसोई का खाना अच्छा नहीं लगेगा। जब चार पुरुषों से मिलने की आदत हो गई, तो एक पति को स्वीकार करने की हिम्मत उसमें नहीं रहेगी।”
प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा था, “100 में से कोई दो-चार कन्याएं ही ऐसी होंगी, जो अपना पवित्र जीवन रखकर किसी पुरुष को समर्पित होंगी, जो 4 लड़कों से मिल चुकी हो, वो सच्ची बहू बनेंगी? जो 4 लड़कियों से मिल चुका हो क्या वो सच्चा पति बन पाएगा।” इस पर नेहा सिंह राठौर ने भी सवाल उठाते हुए कहा था कि महिलाओं के बारे में अशोभनीय टिप्पणियां करने वाले कथावाचक पवित्र माने जाएंगे या नहीं, 100 में से कितने कथावाचक पवित्र हैं बाबाजी?