
नई दिल्ली। टीवी के पॉपुलर शो 'बालिका वधू' की आनंदी को भला कौन भूल सकता है। आनंदी की युवा अवस्था का किरदार एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी ने निभाया था। इस सीरियल ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। लेकिन सबके दिलों में छा जाने वाली प्रत्युषा ने साल 2016 में अप्रैल के महीने में एक ऐसा कदम उठाया जिससे पूरा देश सन्न रह गया था। उन्होंने 24 साल की उम्र में अपने फ्लैट में पंखे से लटककर खुदखशी कर ली थी। उनके निधन से पूरी टीवी इंडस्ट्री हिल कर रह गई थी।
प्रत्युषा का जन्म 10 अगस्त, 1991 को जमशेदपुर, झारखंड में हुआ था। वह बंगाली परिवार में पली बढ़ी थीं। उसके बाद प्रत्युषा ने टीवी की तरह रुख किया। जिसमें उन्हें कामयाबी मिली। वह अपने करियर में आगे ही बढ़ रही थीं कि उनकी खुदकुशी की खबर सामने आ गई। बेटी की मौत से उनका परिवार पूरी तरह टूट गया था। श्मशान में जब प्रत्युषा को आखिरी विदाई दे रही थीं तो मां ने बेटी का पसंदीदा गाकर विदाई दी। गाना गाते वक्त उनकी मां पूरी तरह टूट गई थीं। बेटी को अलविदा कहने का वक्त आया तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। उस वक्त प्रत्युषा के करीबी दोस्त काम्या पंजाबी और विकास गुप्ता उन्हें संभाल रहे थे।
प्रत्युषा का फेवरिट गाना था, ‘आज जाने की जिद ना करो’। ऐसे में बेटी को आखिरी विदाई देते हुए प्रत्युषा की मां ने ‘आज जाने की जिद ना करो’गाना गाया। इसे सुनकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें आसुओं से भर गईं।
बता दें कि प्रत्युषा बनर्जी की मौत को पांच साल बीत चुके हैं और उनका केस अभी भी चल रहा है। हाल ही में उनके पिता ने बताया कि वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उनका सारा पैसा केस लड़ने में लग गया है। अब उनके पास एक भी पैसा नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि वह अपना सब कुछ खो चुके हैं। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि वह अभी भी हिम्मत नहीं हारे हैं और मरते दम तक बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए केस लड़ेंगे।