उदयपुर

उदयपुर जिले में रुके कुल 18 बाल विवाह, अंक 18 में अटके बाल विवाह के 7 फेरे

उदयपुर. आखिर सरकारी मुलाजिम दौड़े और जिलेभर में 18 बाल विवाह रुकवाए।
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Apr 19, 2018
18 child marriage stop in udaipur

उदयपुर . अक्षय तृतीया की तारीख 18, बेटियों की उम्र 18 से कम, जिनके हाथ पीले करने की तैयारी थी। आखिर सरकारी मुलाजिम दौड़े और जिलेभर में 18 बाल विवाह रुकवाए। यूं कहिए कि अंक 18 में बाल विवाह के 7 फेरे अटक गए।


दो जगह से तीन गिरफ्तार
खेरवाड़ा. उपखण्ड क्षेत्र में आखातीज पर बाल विवाह को लेकर प्रशासन सख्त नजर आया। दो थाना क्षेत्रों में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार का पाबंद किया गया। जानकारी के अनुसार पहाड़ा थाना क्षेत्र के राणावाड़ा गांव में बाबूसिंह पुत्र मूंगसिंह और बावलवाड़ा थाना क्षेत्र के भांखरा गांव के नारायणसिंह पुत्र नवलसिंह व अमरसिंह पुत्र रूपसिंह अपने बच्चों का बाल विवाह कराने की तैयारी कर रहे थे। तभी सूचना पर तीनों को गिरफ्तार कर कार्यपालक मजिस्ट्रेट तहसीलदार खेरवाड़ा मोहकमसिंह के समक्ष पेश किया गया।

जहां से तीनों को 20-20 हजार रुपए के 2-2 जमानत मुचलके पेश करने एवं बाल विवाह नहीं करने का शपथ-पत्र लेने के बाद रिहा किया गया।
दो बाल विवाह रुकवाए


गोगुन्दा. क्षेत्र में 20 अपे्रल होने वाले दो बाल विवाहों को बुधवार को प्रशासन ने रुकवाया। प्रशासन ने कोर्ट में इस्तगासा पेश कर बाल विवाह प्रतिरोध अधिनियम के तहत माता-पिता व वर पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। उपखण्ड अधिकारी अंजलि राजोरिया ने बताया कि कस्बे के तकियों का भीलवाड़ा निवासी चुन्नीलाल गमेती अपनी नाबालिग पुत्री का विवाह 20 अप्रेल को करने वाला था। सूचना पर पिता व वर पक्ष को नोटिस देकर पाबंद किया गया।

वहीं कोर्ट में इस्तगासे के जरिए मामला भी दर्ज करवाया गया। इधर, सायरा गांव निवासी रताराम मेघवाल अपनी दो नाबालिग पुत्रियों का विवाह गुरुवार को करने वाला था। सूचना पर परिजनों व वर पक्ष को पाबंद कर मामला दर्ज करवाया गया है।

गुड़ली. देबारी गांव के नलाफला में फाउण्डेशन टू एजूकेट गल्र्स संस्थान उदयपुर की ओर से अक्षया तृतीया पर बुधवार को बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने व बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए बैठक हुई। जिसमें क्षेत्रीय समन्वयक शिवशंकर व शंकर मेघवाल ने संस्थान द्वारा बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ को लेकर बाल-विवाह जैसी कुप्रथा को खत्म करने पर जोर दिया। बैठक में कार्यक्रम समन्वयक परवीन बानू ने सभी ग्रामीणों को बाल-विवाह नहीं करने की शपथ दिलाई। इस दौरान कमला गमेती व सोना गमेती ने अपने विवाह के अवसर पर समाज को शिक्षित करने का प्रण लिया। मावली क्षेत्र में बुधवार को अक्षय तृतीया पर जगह-जगह अबूझ सावे हुए।

क्षेत्र में कई जगह हो रहे बाल विवाह पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए रुकवाया। तहसीलदार चिरंजीलाल शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के पलानाकलां गांव में एक नाबालिग बालिका मंजू पुत्री सुरेश जाट का बाल विवाह किया जा रहा था। जिस पर प्रशासन मौके पर पहुंचा। मंजू के बालिग होने में एक माह होने के कारण प्रशासन ने बाल विवाह को रुकवाया। मौके पर भुवाणा (बडग़ांव) से बारात भी पहुंची, लेकिन प्रशासन ने बाल विवाह को रुकवाकर परिजनों को बाल विवाह नहीं करने के लिए पाबंद किया। इधर, क्षेत्र के सिन्दु पंचायत के कितलाई गांव में भी रुकमा पुत्र नारायणलाल गुर्जर का बाल विवाह किया जा रहा था।

प्रशासन ने पहुंचकर बाल विवाह को रुकवाया। अधिकारियों ने परिजनों को पाबंद किया। इस दौरान इस दौरान पटवारी राजबाला, पिंकी मीणा, भू-अभिलेख निरीक्षक महेन्द्रसिंह सहित सरपंच एवं घासा थाने से जाब्ता मौजूद था।

Published on:
19 Apr 2018 04:24 pm