उदयपुर

एईओ सर्टीफिकेशन से न्यून समय में निर्यात सम्भव: अग्रवाल

ऑथराइज्ड इकोनॉमिक ऑपरेटर प्रोग्राम सर्टीफिकेशन पर कार्यशाला
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Updated: 19 Oct 2018, 2:28 AM IST
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एईओ सर्टीफिकेशन से न्यून समय में निर्यात सम्भव: अग्रवाल

उदयपुर. जैसे ही कम्पनी को एईओ सर्टीफिकेशन प्राप्त हो जाता है, उसकी निर्यात लागत एवं निर्यात में लगने वाले समय में लगभग 15 प्रतिशत की कमी आ जाती है। महिने में मात्र एक कन्टेनर का आयात या निर्यात करने वाला व्यवसायी भी एईओ सर्टीफिकेशन के लिए आवेदन कर सकता है। एईओ सर्टीफिकेशन प्राप्त कम्पनी देश में किसी भी राज्य से निर्यात कर सकती है।

उक्त जानकारी कस्टम्स आयुक्त एस.सी. अग्रवाल ने उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री की ओर से आयातकों एवं निर्यातकों के लिए आयोजित ऑथराइज्ड इकोनॉमिक ऑपरेटर प्रोग्राम (एईओ) विषयक कार्यशाला में दी।
चेम्बर अध्यक्ष हंसराज चौधरी ने सीमा शुल्क विभाग तथा जीएसटी विभाग के अधिकारियों एवं सभी आयातकों एवं निर्यातकों का यूसीसीआई में स्वागत करते हुए कहा कि देश की जीडीपी में ग्रॉथ युवा स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन देकर ही संभव है। यूसीसीआई का फोकस यंग स्टार्ट-अप को व्यावहारिक बनाने पर केन्द्रीत है।
पूर्व अध्यक्ष बी.एच. बापना ने निर्यात प्रक्रिया सम्बन्धी दिक्कतों के निराकरण के लिए विभाग के अधिकारियों के सकारात्मक सहयोग की प्रशंसा की।
सीमा शुल्क विभाग के आयुक्त एस.सी. अग्रवाल ने कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को जानकारी दी कि एईओ सर्टीफिकेशन प्राप्त निर्यातक के कन्टेनर को कस्टम्स द्वारा बार-बार चेक करने की प्रक्रिया से राहत प्रदान करते हुए शीघ्र क्लीयरेन्स उपलब्ध कराया जाता है।
सीमा शुल्क उपायुक्त ए.के. सिंह ने पावर पॉइन्ट प्रस्तुति के माध्यम से एईओ प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी।
जीएसटी आयुक्त सी.के. जैन ने बताया कि विभाग ने ईमानदार करदाता को विशेष वरीयता देने का प्रावधान किया है।
कार्यशाला में एईओ सर्टीफिकेशन प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया समझाने के साथ ही निर्यातकों से आवेदन पत्र भरवाए गए। प्रश्नकाल के दौरान सीमा शुल्क एवं निर्यात पर रिफण्ड प्राप्त करने एईओ प्रमाणीकरण सम्बन्धी विभिन्न मुद्दों पर निर्यातकों द्वारा विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई।
बैठक का संचालन यूसीसीआई के मानद महासचिव केजार अली ने किया।
बैठक में यूसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष बी.एच. बापना, मुकेश मोदी, पवन तलेसरा, कपिल सुराणा, हितेष पटेल आदि सदस्यों ने भी विचार व्यक्त किए। अन्त में उपाध्यक्ष डॉ. अंशु कोठारी ने आभार ज्ञापित किया।

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