उदयपुर

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नाटकीय घटनाक्रम के बाद रातोंरात भाजपा समर्थित पार्षद गायब

अब कलक्टर के निर्णय पर टिकी निगाहें, पार्षदों से दुव्र्यवहार पर कटारिया व विधायक का पुतला फूंका

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Jun 20, 2018
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नाटकीय घटनाक्रम के बाद रातोंरात भाजपा समर्थित पार्षद गायब

माेे.इल‍ियास/ उदयपुर . सलूम्बर नगरपालिका अध्यक्ष कमला गांधी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नाटकीय घटनाक्रम के बाद भाजपा समर्थित दसों पार्षद रातोंरात गायब हो गए। उनके मंगलवार तक सलूम्बर नहीं पहुंचने से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही। इधर, कलक्टर ने इस मामले से सरकार को अवगत करवाते हुए कानूनी राय मांगी है, जहां से दिशा-निर्देश के बाद ही तय हो पाएगा कि अविश्वास प्रस्ताव पर अगली कार्रवाई क्या होगी।

जानकारों का मानना है कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने ही अविश्वास प्रस्ताव पर कलक्टर का निर्णय आने तक पार्षदों को अज्ञात स्थान पर भिजवाया है। इधर, पार्षदों के साथ कलक्ट्रेट व प्रतापनगर चौराहे पर दुव्र्यवहार से सलूम्बर में कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया। दोपहर को उन्होंने गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, क्षेत्रीय विधायक अमृत लाल मीणा व पालिकाध्यक्ष के रिश्तेदार का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया।

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उल्लेखनीय है कि पालिकाध्यक्ष गांधी के खिलाफ सोमवार को १५ पार्षदों ने कलक्टर को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। उसके बाद भाजपा के पदाधिकारियों ने दबंगई दिखाते हुए पार्षदों से धक्का-मुक्की व अभद्रता की। प्रतापनगर चौराहे पर उनकी गाड़ी को रुकवाते हुए वहां भी खींचतान की। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी बस को पटेल सर्कल कार्यालय ले गए। भाजपा नेताओं से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर भाजपा पार्षदों ने एडीएम के समक्ष विड्रो का आवेदन पेश किया। एडीएम छोगाराम देवासी ने मंगलवार को जिला कलक्टर के सुपुर्द कर दिया। कलक्टर बिष्णुचंद मल्लिक ने बताया कि मामले में कानूनी राय ली जा रही है, विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

कई पार्षदों के मोबाइल रेंज से बाहर

अविश्वास प्रस्ताव से भाजपा नेताओं में हलचल तेज हो गई है। उन्हें भय सता रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व सलूम्बर पालिका हाथ से फिसलने से जनता में गलत संदेश जाएगा। साथ ही पार्षदों के सलूम्बर पहुंचने पर कांग्रेसी पार्षद या विरोधी गुट उन्हें भड़का सकता है। उनका मानना है कि अविश्वास प्रस्ताव पर कलक्टर का निर्णय आने तक उन्हें पक्ष में रखना जरूरी है। अज्ञात स्थान पर भेजे गए कई पार्षदों के मोबाइल रेंज बाहर है, वहीं कुछ ने बातचीत में बाहर होना बताया लेकिन कहां गए हैं, इसकी जानकारी उनसे भी गुप्त रखी गई है। पार्षदों के परिजनों ने पदाधिकारियों से सम्पर्क भी साधा है।

सबकी राय से होगा फैसला- झाला

देहात जिलाध्यक्ष गुणवंतसिंह झाला ने बताया कि वह ३ जुलाई को सलूम्बर पहुंच कर पार्षदों व कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। पार्षदों की पीड़ा एवं वहां हुई उठापटक की पूरी जानकारी जुटाएंगे। बाद में सबकी जो राय होगी, वही किया जाएगा। गौरतलब है कि पार्षदों ने चेयरमैन गांधी पर मनमाने रवैये का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। गांधी दूसरी बार पालिकाध्यक्ष बनी, इससे पहले उनके ससुर भी इस पद पर रह चुके हैं।

कांग्रेस पार्षद से पूछी कुशलक्षेम

भाजपा पार्षदों के साथ उदयपुर आए कांग्रेस के चार पार्षद एवं एक निर्दलीय पार्षद सोमवार दोपहर को ही सलूम्बर पहुंच गए थे। इसके बाद समर्थक एवं नजदीकी लोगों उनसे कुशलक्षेम पूछने के लिए आने लगे। प्रतिपक्ष नेता अब्दुल रऊफ ने बताया कि विपक्ष के हम पार्षदों की हालत तो एेसी हो गई जैसे चिकित्सालय से बड़ी बीमारी का ऑपरेशन करवा कर घर पहुंचे हो।

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Updated on:
20 Jun 2018 01:01 pm
Published on:
20 Jun 2018 02:24 am
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