
थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी। फोटो: पत्रिका
उदयपुर। सेंट एंथोनी स्कूल में सोमवार को 8 वर्षीय मासूम की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया। मंगलवार को सर्वसमाज के संगठनों ने गोवर्धन विलास थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और स्कूल प्रशासन पर हत्या का मामला दर्ज कर संचालक की गिरफ्तारी की मांग उठाई। पुलिस की समझाइश के बाद दोनों पक्षों में वार्ता हुई, इसमें सहमति बनी।
इस बीच राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले में संज्ञान लेते हुए सरकार और प्रशासन को सभी स्कूलों में सुरक्षा मानकों की जांच के सख्त निर्देश दिए है। सेंट एंथोनी स्कूल में सोमवार दोपहर हैंडबॉल गोल पोस्ट सिर पर गिरने से तीसरी के छात्र महर्थराज सिंह (8) की मौत हो गई थी।
बड़ी संख्या में मंगलवार को सर्व सामाजिक संगठनों के लोग गोवर्धन विलास थाने के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने बच्चे की मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि जिम्मेदारों पर हत्या का मामला दर्ज हो प्रदर्शनकारियों ने स्कूल संचालक को तत्काल गिरफ्तार करने, घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को सजा देने व पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की।
पुलिस की समझाइश के बावजूद भी प्रदर्शनकारी अपनी बात पर अड़े रहे। सूचना पर एएसपी गोपालस्वरूप मेवाड़ा व शहर के आसपास के थानों का जाप्ता मौके पर पहुंचा। देर रात समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने मामले में संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार, खेल सचिव, उदयपुर संभागीय आयुक्त और जिला कलक्टर को निर्देश जारी किए। आयोग ने कहा कि मृतक बच्चे के परिजनों को क्षतिपूर्ति दी जाए, जिले के सभी स्कूलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, खेल उपकरणों, पोल, जालियों आदि की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही आयोग ने स्पष्ट किया कि खेल के दौरान इस तरह की घटना बेहद गंभीर है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
Published on:
22 Apr 2026 11:17 am
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