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फतहसागर झील में मोबाइल तलाशने की कोशिश बनी जानलेवा, उदयपुर में बोट ऑपरेटर की मौत

Fateh Sagar Lake Accident: फतहसागर झील में एक पर्यटक का गिरा मोबाइल निकालने का प्रयास बोट ऑपरेटर के लिए जानलेवा साबित हुआ। उदयपुर में मोती मगरी के सामने स्थित बोटिंग पॉइंट पर मोबाइल निकालने पानी में उतरा बोट ऑपरेटर डूब गया।
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उदयपुर

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 8 Jun 2026, 9:08 AM IST

Udaipur Boat Operator Drowned

photo: patrika

Fateh Sagar Lake Accident: फतहसागर झील में एक पर्यटक का गिरा मोबाइल निकालने का प्रयास बोट ऑपरेटर के लिए जानलेवा साबित हुआ। उदयपुर में मोती मगरी के सामने स्थित बोटिंग पॉइंट पर मोबाइल निकालने पानी में उतरा बोट ऑपरेटर डूब गया। सूचना पर पहुंची सिविल डिफेंस की टीम ने 15 मिनट की मशक्कत के बाद बोट ऑपरेटर को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार उदयपुर में शाम करीब 4.45 बजे उज्जैन बोटिंग पॉइंट पर कुछ पर्यटक बोटिंग कर लौट रहे थे। इसी दौरान नाव से जेटी पर उतरते समय एक पर्यटक का मोबाइल झील में गिर गया। मोबाइल निकालने के लिए बोट ऑपरेटर सरतनपुर, भावनगर (गुजरात) निवासी सरवैया विनोदभाई बच्चूलाल (67) एक पाइप के सहारे पानी में उतरा।

पहले प्रयास में बाहर आया, दूसरे प्रयास में डूबा

पहले प्रयास में करीब 30 सेकंड बाद वह पानी से बाहर आ गया, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। इसके बाद उसने दोबारा पानी में उतरकर मोबाइल तलाशने का प्रयास किया। इस बार वह काफी देर तक बाहर नहीं आया। घटना से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। साथी कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस और नागरिक सुरक्षा विभाग को सूचना दी।

सूचना पर अंबामाता एवं हाथीपोल थाना पुलिस के जवान तथा सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने तलाश अभियान शुरू किया और करीब 15 मिनट के बाद जेटी के नीचे से विनोदभाई का शव बाहर निकाला। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है। रेस्क्यू अभियान में गोताखोर विपुल चौधरी, सचिन कंडारा, विजय नकवाल, कैलाश मेनारिया और भवानी शंकर वाल्मीकि सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

आशंकाः कहीं जलीय घास में तो नहीं उलझ गया

बताया जा रहा है कि फतहसागर झील में बड़ी मात्रा में जलीय घास फैली है। विशेष रूप से जेटियों के नीचे नियमित सफाई नहीं होने से घास जमा रहती है। ऐसे में आशंका है कि बोट ऑपरेटर जलीय घास में उलझ गया, जिसके कारण बाहर नहीं निकल पाया और हादसे का शिकार हो गया।

अच्छा गोताखोर, समुद्र का था अनुभवी

बताया जा रहा है कि बोट ऑपरेटर को दीनू भाई के नाम से भी जाना जाता था। वह अच्छा तैराक था। उसे समुद्र में भी बोट चलाने का अनुभव था। साथ ही गोताखोर भी था और पिछले कुछ समय से उदयपुर में ही बोट चला रहा था।