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MRP Overcharging Case: उदयपुर शहर के अरबन स्क्वायर मॉल में स्थित एक रिटेल स्टोर पर उपभोक्ता से एमआरपी से एक रुपया ज्यादा लेना भारी पड़ गया। मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला दिया। उपभोक्ता से अतिरिक्त राशि लेना अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए आयोग ने रिटेल स्टोर पर 3000 रुपए का जुर्माना लगाया। संदेश दिया कि ग्राहक की अनुमति के बिना एक रुपया भी अतिरिक्त नहीं लिया जा सकता।
प्रकरण के मुताबिक रेबारियों का गुड़ा निवासी जितेंद्रसिंह झाला ने 4 सितंबर 2023 को स्टोर से 399 रुपए कीमत के कपड़े खरीदे थे। उन्होंने 500 रुपए दिए। लेकिन, स्टोर कर्मचारी ने 100 रुपए वापस लौटाकर 400 रुपए का बिल बना दिया। उन्होंने एक रुपया ज्यादा लेने की वजह पूछी तो बताया गया कि एक रुपया कॉन्ट्रिब्यूशन फंड में जमा होगा।
उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत की। परिवाद में लिखा कि उन्होंने किसी भी प्रकार के फंड में राशि देने की सहमति नहीं दी। शिकायतकर्ता ने मुआवजा मांग लिया। स्टोर प्रबंधन ने तर्क दिया कि यह राशि लाइफ ट्रस्ट के लिए ली जाती है और उपभोक्ता की सहमति के बाद ली जाती है। लेकिन मामले में रिटेल स्टोर संचालक उपभोक्ता की सहमति का कोई प्रमाण पेश नहीं कर सका।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आयोग ने माना कि एमआरपी से अधिक राशि वसूलना गलत है। आयोग अध्यक्ष सुमन गौड़ और सदस्य मनीष परमार ने आदेश दिया कि अतिरिक्त लिया गया एक रुपया 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 45 दिनों में लौटाया जाए। साथ ही मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में 3000 रुपए दिए जाएं।
बाजार में ग्राहक के अधिकारों की अधिकांश तौर पर अनदेखी की जाती है। दुकानदार ग्राहक को छोटी से बात का हवाला देकर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं लेकिन जागरूकता से ग्राहक अपने अधिकारों का संरक्षण कर सकते हैं। प्रशासन की ओर से भी ग्राहक हितों को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। विवाद की स्थिति होने पर ग्राहक जिला उपभोक्ता मंच में परिवाद दर्ज कर न्याय की मांग कर सकते हैं जहां ग्राहक हितों को पूरा संरक्षण मिलता है।
Updated on:
03 Jun 2026 07:49 am
Published on:
03 Jun 2026 07:49 am
