उदयपुर

खराबे से आहत धरतीपुत्रों को अब बीमा क्लेम की आस, ऐसे होती है बीमा राशि की गणना

के कारण खरीफ फसलों में भारी खराबा होने से किसानों का सब कुछ लुट गया है और रही सही कसर बेमौसम बारिश ने पूरी कर दी है।  
2 min read
Nov 16, 2019
Soybean crop wasted due to excess rain
Soybean crop wasted due to excess rain

मानवेंद्रसिंह राठौड़/उदयपुर. अतिवृष्टि के कारण खरीफ फसलों में भारी खराबा होने से किसानों का सब कुछ लुट गया है और रही सही कसर बेमौसम बारिश ने पूरी कर दी है। अब धरतीपुत्र प्रधानमंत्री फसल बीमा व राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली आपदा राहत की आस लगाए बैठे हैं। संभाग में छह जिलों के करीब 3 लाख 24 हजार 474 ऋणी व अऋणी किसानों ने खरीफ फसलों का करीब 23 करोड़ 31 लाख 12 हजार 869 रुपए का प्रीमियम जमा करवा रखा है। शेष राशि राज्य व केन्द्र सरकार वहन कर बीमा कंपनियों को भुगतान करेगी। हर जिले में करोड़ों की राशि बीमा कंपनियों में जमा हुई है। अब देखना यह है कि किसानों को बीमे की एवज में कितनी राशि का भुगतान होना है। फिलहल फसलों में हुए खराबे का कृषि उपज के आधार पर आकलन हो रहा है।राजस्व विभाग की ओर से फसल कटाई प्रयोगों का आयोजन कराया जाता है और उससे औसत उपज के परिणाम प्राप्त कर गारंटी उपज से तुलना की जाती है। औसत उपज गारंटी उपज से कम रहने की स्थिति में इसके आधार पर बीमा क्लेम दिया जाता है।

जिला किसानों की संख्या प्रीमियम राशि


उदयपुर 32,638 1 करोड़ 79 लाख 42 हजार 265

राजसमंद 20,616 1 करोड़ 35 लाख 86 हजार 486
डंूगरपुर 27,584 1 करोड़ 86 लाख 71 हजार 965

बांसवाड़ा 54,389 5 करोड़ 75 लाख 79 हजार 652
प्रतापगढ़ 37,676 2 करोड़ 78 लाख 58 हजार 407

चित्तौडगढ़ 1 लाख 51 हजार 547 9 करोड़ 74 लाख 74 हजार 94

मिलता है फसल बीमा का लाभ

खण्ड और जिले में जिस किसान ने बीमा कराया है, उसे फसल बीमा का लाभ मिलेगा। फसल कटाई आधार पर ही गारंटी उपज से नीचे के अनुपात में ही बीमा राशि का आकलन होकर भुगतान होता है। दूसरी ओर राज्य सरकार गिरदावरी के आधार पर भी बीमा कराने वाले और बीमा नहीं कराने वाले किसानों को आपदा राहत से सहायता मिलेगी।

-केएनसिंह कृषि उपनिदेशक, कृषि (विस्तार)

Updated on:
16 Nov 2019 09:31 pm
Published on:
16 Nov 2019 09:31 pm