उदयपुर

यहां सैकड़ों बीघा खेती के भविष्य पर मंडराया विकास का ‘संकट

agriculture news हाई-वे निर्माण के दौरान निर्माण एजेंसियों ने तोड़ी नहर
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यहां सैकड़ों बीघा खेती के भविष्य पर मंडराया विकास का 'संकट
यहां सैकड़ों बीघा खेती के भविष्य पर मंडराया विकास का 'संकट

उदयपुर/ गुड़ली. agriculture news पहले अतिवृष्टि और फिर बेमौसम की बरसात ने किसान की कमर तोड़ रखी है। अब उदयपुर-चित्तौडगढ़़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तुलसीदास की सराय गांव के किसानों पर विकास का संकट गहरा रहा है। हाई-वे निर्माण के बीच तोड़ी गई सिंचाई नहर के चलते क्षेत्र के खेतों का उदय सागर के पानी से संपर्क टूट जाएगा। ऐसे में आगामी दिनों में बोई जाने वाली गेहूं की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कर्ज में दबा किसान अब सत्ता की बेरूखी पर आंसू बहा रहा है। बता दें कि सिंचाई पानी के अभाव में करीब 200 बीघा खेतों में गेहूं की फसल नहीं बोई जा सकेगी।
स्थानीय किसानों का आरोप है कि प्रकृति ही उनसे नहीं रूठी है। बल्कि सत्ता भी उनसे अन्याय कर रही है। समय रहते नहर की मरम्मत को लेकर कई बार स्थानीय प्रतिनिधियों का दरवाजा खटखटाने के बावजूद किसी ने उनकी समस्या का समाधान करने का साहस नहीं दिखाया। अब दिसम्बर तक फसल बुवाई का समय बना हुआ है। ऐसे में समय रहते मरम्मत के नाम पर केवल दिखावा हो रहा है। जिला परिषद सदस्य प्रियदर्शनी भील ने आरोप लगाया कि इसी केनाल से निर्माण एजेंसियों की ओर से बरसाती पानी निकालने के प्रयास किए गए। सड़क के पाइप नहीं डालने से पानी लोगों की कई बीघा खेती में घुस गया। पानी निकासी के अभाव में खेतों में खड़ी किसानों की फसल सड़ गई। गांव में जाने वाले मार्ग में अब तक भी बरसाती पानी भरा हुआ है। नहर को फिर से दुरस्त नहीं किया गया तो भविष्य में किसानों की उम्मीदों पर संकट गहराएगा।
नहीं हुई कार्रवाई
नहर निर्माण के लिए सिंचाई विभाग को लिखित में सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक भी किसी ने निर्माण का जोखिम नहीं उठाया।
वेणीराम गमेती, सरपंच, तुलसीदास की सराय


खेतों को 'करंट का झटका, किसान भटका
उदयपुर/ खरसाण. अजमेर विद्युत वितरण निगम की खामियों से जूझते किसानों की समस्याओं का अंत नहीं हो रहा है। पहले बिजली कनेक्शन और अघोषित बिजली कटौती से जूझ रहा किसान अब खेतों में दौड़ते 'करंटÓ की समस्याओं में घिर गया है। ऐसे ही मामले खरसाण ग्राम पंचायत से मेनार मार्ग को जोडऩे वाले मार्ग पर ज्वलंत समस्या बनी हुई है। खेत में चालू हाल में छोड़ी गई थ्री फेज बिजली की लाइन की खामी से किसान मौसम के बावजूद खेत में हल नहीं चला पा रहा है। सही समय पर जुताई नहीं होने की स्थिति में फसल के भविष्य पर संकट आ खड़ा हुआ है। बता दें कि करीब 10 दिन पहले एवीवीएनएल कार्मिकों ने थ्री फेज बिजली सप्लाई की लाइन खींचते हुए पूरी केबल को यहां किसानों के खेत में छोड़ दी। कुएं के समीप छोड़ी गई केबल से खेतीहर कार्य बाधित हो रहा है। इसे लेकर स्थानीय किसान रामलाल पुत्र भूरालाल की ओर से कई बार निगम कार्यालय में अधिकारियों के समक्ष शिकायत की गई, लेकिन अब तक भी समस्या को सुनने वाला कोई नहीं है। इधर, समस्या के बाद खेत पर पहुंचे निगम कार्मिक प्रीतम कुमावत से किसान ने बिजली केबल ऊंचाई पर खींचने की अपील की, लेकिन समस्या का हल निकालने की बजाए उसने अनदेखी की। चिंता तो तब और बढ़ रही है, जब शिकायत ऑनलाइन करने के बावजूद जिम्मेदार काम के प्रति गंभीर नहीं है। इधर, समस्या के समाधान को लेकर स्थानीय किसानों की चप्पलें घिसती जा रही हैं। इधर, मामले को लेकर स्थानीय निगम के कनिष्ठ अभियंता गजेंद्र कुमार ने बताया कि शिकायत पर ही एक दिन पहले निगम कार्मिक को भेजा था। समस्या का निस्तारण कराने के लिए वह खुद मौके पर जाएंगे।

Published on:
09 Nov 2019 06:00 am