ईओ बोले- मेरे पास कोई सरकारी आदेश नहीं, जो भी हुआ वह गलत है
भींडर. अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद से खाली पड़ी नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी मंगलवार को उपाध्यक्ष गिरीश सोनी ने संभाल ली। हालांकि फैसला सरकार को तय करना था, जिसके लिए जिला प्रशासन ने राय भी मांगी थी। लेकिन 20 दिन बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। अपराह्न करीब तीन बजे पार्षदों के साथ पहुंचे सोनी ने अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ मालाएं पहनीं और बधाइयां लीं। तब कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं था। राजस्थान पत्रिका ने इसे लेकर पालिका के कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी मुबारिक हुसैन मंसूरी से बात की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से अभी तक कोई भी आदेश नहीं मिला है और आज जो भी हुआ है, वह नियम विरुद्ध है। बता दें कि गत 26 सितंबर को तत्कालीन पालिकाध्यक्ष गोवर्धनलाल भोई के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ था। कुर्सी खाली होने पर जिला प्रशासन ने सरकार से दिशा-निर्देश मांगे थे।
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शुभ मुहूर्त में काम संभाला : सोनी
उपाध्यक्ष सोनी ने कहा कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास पारित होने के बाद उपाध्यक्ष ही कार्यवाहक के रूप में काम करता है। आज शुभ मुहूर्त था, पदभार ग्रहण कर लिया। राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के नियमों के अनुसार ही चार्ज लिया है। राज्य सरकार के दिशानिर्देश व आदेश की मुझे जानकारी नहीं है।
कुर्सी से पद मिल जाए तो सीएम भी बन जाएं : भोई
निवर्तमान पालिका अध्यक्ष गोवद्र्धनलाल भोई ने कहा कि उनके पद से हटने के बाद किसे जिम्मा देना है, यह सरकार का काम है। लेकिन ऐसे तो बिना सरकारी आदेश कोई मुख्यमंत्री भी बन सकता है। अध्यक्ष की कुर्सी का इन कुछ लोगों ने आज मखौल बना दिया है। हकीकत यही है कि अविश्वास भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं, पद की लालसा में लाया गया था, जिसके सबने देख लिया। 20 दिन सरकार से पद नहीं मिला तो खुद ही कुर्सी हथिया ली।
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