उदयपुर

FRAUD: बीमा कागजों में गरीबों को बना दिया सूट-बूट वाले साहब, फोटो में दिखे आदिवासी टाई व कोट पहने हुए

उदयपुर. गेंती-फावड़ा, हथौड़ा लेकर तपती धूप में मजदूरी करने वाले दिहाड़ी आदिवासी मजदूरों को आरोपितों ने बीमा क्लेम के कागजों में सूट-बूट वाले साहब बना

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Apr 18, 2018
bima insurance fraud with tribal in udaipur

मोहम्मद इलियास /उदयपुर. गेंती-फावड़ा, हथौड़ा लेकर तपती धूप में मजदूरी करने वाले दिहाड़ी आदिवासी मजदूरों को आरोपितों ने बीमा क्लेम के कागजों में सूट-बूट वाले साहब बना दिया। टाई व कोट पहनाकर गरीब व बीमार लोगों के ऐसी-ऐसी स्टाइल में फोटो खींचे कि उन्हें खुद परिवार वाले भी नहीं पहचान पाए। बैंक-बीमा व अलग-अलग विभागों से मिले कागजों की जांच में प्रतिदिन एक-एक फाइल में ऐसे खुलासे हो रहे है जिससे जांच अधिकारी भी हैरत में है कि किसकी जांच कहां से शुरू करे।

जांच में उन्हें गांवों व विभागों में दौडऩा पड़ रहा है। गांव में उन्हें मजदूर पेशा लोग नहीं मिल रहे। इधर, नामजद आरोपित मेल नर्स सहित अन्य आरोपितों गांव से फरार है। पुलिस ने बताया कि बीमा क्लेम के खुलासे में गड़बडिय़ों के बाद चोकडिय़ा (नाई) निवासी पुष्पा पत्नी रामा गमेती की रिपोर्ट पर तथाकथित डॉक्टर मेल नर्स डालसिंह, दलाल रमेश चौधरी, बीमा एजेन्ट दिलीप मेघवाल व पूर्व उपसरपंच शंकरलाल के विरुद्ध मामला दर्ज किया।

पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए फाइल तैयार की है। राजस्थान पत्रिका ने 30 मार्च के अंक में ‘जिनके खाने के लाले उनके नाम पर उठा लाखों का बीमा क्लेम’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर बाद में नित्य नए खुलासे किए थे। पुलिस ने जांच के बाद आरोपितों के विरुद्ध मामला दर्ज किया। जांच में अब तक कई परतें खुलती ही जा रही है।


नाम- सवा पुत्र लिम्बा गमेती
बीमा क्लेम में नॉमिनी- पिता लिम्बा गमेती
राशनकार्ड की प्रति में पिता का नाम ही नहीं काम बताया- किसान व कंस्ट्रक्शन वर्क, हकीकत में मजदूर
राशनकार्ड पर-बीपील लिखा, कागजों में भरा टैक्स
बीमा कागज में टाई व सूट पहनाकर खिंचवाया फोटो

नाम-जीवा पुत्र फूला गमेती
काम- एसके. डिस्ट्रीब्यूटर्स में सेल्समैन, तनख्वाह -15 हजार
एक अन्य कागज में बताया- दूसरी फर्म 80 प्रतिशत पार्टनर
राशनकार्ड में पुलिस बीपीएल लिखा मिला
बीमा कागज में टाई व सूट पहनाकर खिंचवाया फोटो

मूल कागज ही कर दिए गायब
आरोपित इतने शातिर है कि गड़बड़झाले के बाद उन्होंने संबंधित बैंक व बीमा कार्यालयों के अलावा बीमित परिवारों के मूल कागज तक गायब कर दिए। अभी किसी भी बीमितों परिवारों के मूल कागज आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड व बीपीएल कार्ड उनके पास नहीं है। सभी लोग मेल नर्स के पास ही होना बता रहे हंै। पुलिस ने संबंधित पंचायतों के सरपंच व सचिवों को नोटिस भेजकर बीपीएल की सूची मांगी है।

Published on:
18 Apr 2018 11:45 am