सियासत में शक्ति प्रदर्शन का कोई मौका नेता नहीं छोड़ते हैं। कुछ समय पहले तक उदयपुर संभाग में भाजपा की राजनीति का केंद्र बिंदु गुलाब चंद कटारिया थे, लेकिन जब से वे राज्यपाल बने हैं, तब से सबकी अपनी ढपली, अपना राग है।
अभिषेक श्रीवास्तव. सियासत में शक्ति प्रदर्शन का कोई मौका नेता नहीं छोड़ते हैं। कुछ समय पहले तक उदयपुर संभाग में भाजपा की राजनीति का केंद्र बिंदु गुलाब चंद कटारिया थे, लेकिन जब से वे राज्यपाल बने हैं, तब से सबकी अपनी ढपली, अपना राग है। जिसको जहां मौका मिल रहा है, वह अपनी शक्ति दिखाने में पीछे नहीं है।
हाल ही में वसुंधरा राजे के जन्मदिन को लेकर सालासर बालाजी में आयोजित समारोह से मेवाड़-वागड़ भी अछूता नहीं रहा। यहां से कई दिग्गज चेहरे कार्यक्रम में अपनी हाजिरी लगाने पहुंचे। एकाध-चेहरे तो ऐसे भी रहे जो भाजपा को छोड़कर खुद की पार्टी बना चुके हैं। उदयपुर से जनता सेना प्रमुख रणधीर सिंह भिंडर, मावली विधायक धर्म नारायण जोशी, सांसद अर्जुन लाल मीणा, चुन्नीलाल गरासिया, महेंद्र सिंह शेखावत सहित कई नेता पहुंचे।
हालांकि संगठन से जुड़े अधिकांश चेहरों ने इससे दूरी बनाकर रखी। राजसमंद की बात करें तो विधायक दीप्ति माहेश्वरी भी आयोजन में पहुंची थीं, जबकि सांसद दीया कुमारी और कभी राजे के करीबी रहे कुम्भलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। राजसमंद भाजपा जिलाध्यक्ष और तमाम नेताओं ने भी सालासर जाने से परहेज किया।
उधर, भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री विजया रहाटकर उदयपुर पहुंचीं। उन्होंने संभाग के कई नेताओं से मुलाकात की। सेल्फी विद कार्यक्रम के तहत उन्होंने पीएम योजनाओं का लाभ ले रहे लोगों के साथ सेल्फी ली। नगर निगम के पार्षदों के साथ बैठक कर प्रतिमाह टिफिन बैठक करने की बात कही। उन्होंने पार्षदों को भी जनता के काम करने के लिए कहा। होली के पर्व पर संघ के कार्यक्रम में कई पदाधिकारी नहीं पहुंचे। इनमें कई लोग ऐसे थे जो कटारिया की मौजूदगी में अग्रणी पंक्तियों में खड़े रहते थे।
कांग्रेस ने भी संगठन की मजबूती पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी की कोशिश है कि कुछ समय में बूथ अध्यक्षों के नाम तय कर दिए जाएं, हालांकि इसके लिए काफी पसीना बहाना पड़ेगा। वहीं प्रदेश सरकार ने चुनावी वर्ष में पूरा फोकस युवाओं पर कर दिया है। उनके लिए युवा उत्सव से लेकर तमाम तरह के आयोजन किए जाने की तैयारी चल रही है। उदयपुर के प्रभारी मंत्री रामलाल जाट भी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के लिए उदयपुर पहुंचे। योजनाओं की समीक्षा के साथ ही सीएम की बजट घोषणाओं को लेकर मीडिया से रूबरू हुए।