शेखावत ने बताया कि ड्रोन को गिराने के लिए एक राइफल से चाहे कितनी गोलियां चलाएं कोई फायदा नहीं होगा। पहले तीन राइफलों से त्रिशूल बनाया, जिससे एक साथ नौ राउंड फायर होते हैं। इससे भी ड्रोन के बच निकलने की संभावना को देखते हुए तीन लाइट मशीन गन से त्रिशूल बनाया है, जिससे प्रति सैकण्ड 50 राउंड फायर कर सकते हैं।