उदयपुर

पेंशनर्स के कड़वे बोल, ‘बोले कुलपति छोड़ें कुर्सीÓ

एमपीयूएटी के पेंशनर्स को 8 माह से नहीं मिली पेंशन, अतिरिक्त चार्ज वाली एमपीयूएटी का कांटों भरा ताज
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पेंशनर्स के कड़वे बोल, 'बोले कुलपति छोड़ें कुर्सीÓ

डॉ. सुशील कुमार सिंह/ उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि से सेवानिवृत प्राध्यापकों एवं अन्य कार्मिकों की बीते 8 माह से बकाया पेंशन का मामला गुरुवार को तूल पकड़ लिया। एमपीयूएटी पेंशनर्स वेलफेयर सोसायटी की विस्तार निदेशालय में हुई बैठक के बाद आक्रोशित पेंशनर्स ने संगठन अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र भटनागर के नेतृत्व में प्रशासनिक भवन के बाहर नारेबाजी की। कड़वे बोल कहते हुए पेंशनर्स ने अतिरिक्त कार्यभार के तौर पर विवि कुलपति का दायित्व संभाल रहे प्रो. जेपी शर्मा को चुनौती दे डाली। नारेबाजी करते हुए पेंशनर्स ने कहा कि 'हमारी पेंशन जारी करो, वरना कुर्सी छोड़ दोÓ। सुविवि में जिम्मेदारी निर्वाह के बीच दोपहर करीब ३.३० बजे कुलपति शर्मा एमपीयूएटी पहुंचे, जहां पेशनर्स के शिष्ट मंडल ने नगर विकास प्रन्यास (यूआइटी) की ओर से भूखंड बेचने से होने वाली आय में से १५ करोड़ पेंशन भुगतान की स्वीकृति का हवाला दिया। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के आदेश के बावजूद उन्हें अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
हाथोंहाथ जारी हुई पेंशन
विरोध प्रदर्शन के बीच कुलपति की उपस्थिति में वित्त नियंत्रक से चर्चा हुई। साथ ही पेंशनर्स को एक माह की बकाया पेंशन का तत्काल भुगतान करने के आदेश हुए। संगठन उपाध्यक्ष ने पीसी कंठालिया ने चिंता व्यक्त की। कहा कि रेवन्यू से विवि को १५ और प्रदेश सरकार से स्वीकृत १५ करोड़ से एक साल की पेंशन का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि पेंशन के नाम पर विवि पर प्रतिमाह २.५ करोड़ का भार आता है।
डंपिंग यार्ड का मुद्दा
कुलपति की ओर से पेंशनर्स को आश्वस्त किया गया कि यूआईटी को दी गई विवि की जमीन पर किसी तरह का डंपिंग यार्ड नहीं बनाया जाएगा। कुलपति शर्मा ने हर संभव पेंशनर्स की मदद का आश्वासन दिया। मौके पर पूर्व डीन वीएन जोशी, एमएस शक्तावत, जीएस तिवारी, जीएस भारद्वाज, रामेश्वर शर्मा, डीपीसिंह एवं अन्य मौजूद थे।

Updated on:
10 May 2019 12:12 am
Published on:
10 May 2019 12:05 am