
उदयपुर . ...एकबार फिर मासूम लावारिस हालात में सीढिय़ों पर छोड़ दी गई। मां का दिल तो नहीं पसीजा लेकिन बच्ची के रोने की आवाज सुनकर वहां गुजर रहे युवक पहुंचे और बच्ची को संभाला। गनीमत रही कि मां ने बच्ची को चित्रकूटनगर के महेशाश्रम के बाहर छोड़ा। वहीं, युवकों को पहुंचने में थोड़ी देर हो जाती तो वहां श्वान उसे शिकार बना लेते। रविवार रात को एक मां अपनी दस दिन की मासूम को लावारिस हालत में सीढिय़ों पर छोड़ गई। कपड़े में लिपटी इस बच्ची के रोने के दौरान वहां से गुजर रहे युवकों की उस पर नजर पड़ी। युवकों का कहना था कि कुछ ही दूरी पर उन्होंने श्वान को भी घूमते हुए देखा तो तुरंत ही बच्ची को संभालते हुए आश्रम में ले गए। वहां पर महिला ने शिशुगृह बंद होने की जानकारी देकर बच्ची नहीं ली। सुखेर थाने के बेसिक नम्बर पर कॉल किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में राजकीय शिशुगृह अधीक्षक वीना मेहरचंदानी को जानकारी दी। उन्होंने बाल कल्याण समिति से वार्ता कर बच्ची को लेते हुए शिशुगृह में रखवाया। सुबह आवश्यक कार्रवाई व मेडिकल के बाद उसका दाखिला किया गया।
युवक का दो दिन पुराना शव मिला
कल्याणपुर. निकटवर्ती ग्राम पंचायत पंड्यावाड़ा में उदयपुर-डूंगरपुर को जोडऩे वाली सोम नदी के अडूआवाला पुल के पास एक युवक का दो दिन पुराना शव मिला। पुलिस जानकारी के अनुसार भगवान (30) पुत्र लिम्बा मीणा का शव मिला। सुबह पुल से गुजरते ग्रामीणों ने नदी में शव देखकर कल्याणपुर पुलिस चौकी पर सूचना दी। ऋषभदेव और डूंगरपुर सदर थाने का जाब्ता मौके पर पहुंचा। शव को ग्रामीणों की सहायता से निकाला गया। शव 2-3 दिन पुरानी होना बताया जा रहा है। शव सड़ चुका था। नदी का भाग ऋषभदेव क्षेत्र में होने से शव को ऋषभदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाकर पोस्टमार्टम करवाया। मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड से शव की शिनाख्त हो पाई।