उदयपुर

खेल-खेल में मासूम ने निगली एलन-की, डॉक्टरों की तत्परता से बची जान

Mar 07, 2026
डॉक्टरों की टीम ने बिना देर किए एंडोस्कोपी की मदद से जटिल प्रक्रिया कर एलन-की को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
spource patrika photo

2 वर्षीय बच्चे की अटक गई थी सांसें, चिकित्सकों ने दी सलाह- बच्चों से दूर रखें छोटी और नुकीली चीजें

उदयपुर. छोटे बच्चों की जिज्ञासा कई बार खतरनाक हादसों का कारण बन सकती है। ऐसा ही एक मामला भीलों का बेदला स्थित पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में सामने आया, यहां खेलते समय एक 2 वर्षीय मासूम ने लोहे की एलनकी निगल ली। समय रहते उपचार मिलने से बच्चे की जान बच गई, लेकिन चिकित्सकों ने इसे लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

सांस लेने में हुई परेशानी तो लेकर दौड़े

भीलवाड़ा जिले के गंगापुर निवासी दो वर्षीय जयराज घर में रखे अपने पिता के टूल बॉक्स से खेल रहा था। इसी दौरान उसने उसमें रखी एलन-की मुंह में डाल ली और निगल गया। कुछ ही देर में उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। घबराए परिजन उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले गए, बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए उदयपुर रेफर किया गया।

समय पर उपचार से मिली राहत

पीएमसीएच पहुंचने पर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. मयंक आमेटा ने तुरंत एक्स-रे और सीटी स्कैन करवाया। जांच में पता चला कि एलनकी बच्चे के पेट में फंसी हुई है। डॉक्टरों की टीम ने बिना देर किए एंडोस्कोपी की मदद से जटिल प्रक्रिया कर एलन-की को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस प्रक्रिया में डॉ. आशीष मेहता, डॉ. मयंक आमेटा, डॉ. गरिमा भंडारी, एंडोस्कोपी टेक्नीशियन विजय व अजीम तथा नर्सिंग स्टाफ की टीम शामिल रही। उपचार के बाद बच्चे को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

एल शेप में होने से ज्यादा खतरनाक

डॉ. आमेटा ने बताया कि एलन-की जैसे नुकीले औजार को एंडोस्कोपी से निकालना बेहद जोखिम भरा होता है, क्योंकि इससे भोजन नली या श्वसन नली को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। उन्होंने अभिभावकों को सावधान करते हुए कहा कि छोटे बच्चों की पहुंच से सिक्के, सेल, पिन, बटन, बैटरी और औजार जैसी छोटी वस्तुएं दूर रखें।

Updated on:
07 Mar 2026 05:33 pm
Published on:
07 Mar 2026 05:33 pm