उदयपुर

दूधमुंही बच्ची की मां को देखे बिना ही रख लिया संचालिका ने, चाइल्ड सेंटर पर सफाई करने वाला दे गया था बच्ची को

उदयपुर. चाइल्ड केयर सेन्टर की संचालिका राधिका साहू ने सेंटर पर मिली झाड़ोल की दूधमुंही बच्ची की मां को न तो कभी देखा और न ही उससे मिली।

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Mar 19, 2018
child trafficking radhika care center case udaipur

उदयपुर . मासूमों की परवरिश की आड़ में उनकी सौदेबाजी व अन्य अवैध गतिविधियों के आरोपों से घिरी राधिका चाइल्ड केयर सेन्टर की संचालिका राधिका साहू ने सेंटर पर मिली झाड़ोल की दूधमुंही बच्ची की मां को न तो कभी देखा और न ही उससे मिली। बयानों में उसने कहा कि बच्ची की मां को विमंदित बताते हुए एक सफाईकर्मी सौंप गया था। पुलिस ने गुजरात में मजदूरी के लिए गए सफाईकर्मी को बुलवाया है। उसके उदयपुर आने पर ही बच्ची के मां-बाप का पता चल पाएगा।


छह दिन के रिमांड पर चल रही सेंटर संचालिका राधिका पत्नी बंशीलाल साहू पुलिस को लगातार गुमराह करते हुए गोलमाल जवाब दे रही है। सेंटर पर मिली दूधमुंही बच्ची के बारे में उसने बताया कि सेंटर पर पूर्व में भैरूलाल नाम का युवक साफ-सफाई करने के लिए आता था। उसने ही विमंदित बहन की मजबूरी बताते हुए बच्ची उसे लाकर दी थी।

बच्ची की मां को उसने कभी नहीं देखा। राधिका के पास भैरूलाल का पता तो नहीं है, महज उसका मोबाइल नम्बर है। इस नम्बर के लिए भी उदयपुर पुलिस को मुंबई पुलिस से सम्पर्क करना पड़ा। नवजात बेचान के मामले में पकड़ी गई राधिका के जब्त मोबाइल से पुलिस ने भैरूलाल का नम्बर जुटाकर उसे फोन पर सम्पर्क किया। भैरूलाल के गुजरात के विजयनगर में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने उसे बुलवाया है।

यह था मामला

मुंबई की मीरा रोड थाना पुलिस ने 4 मार्च को एक दम्पती व उदयपुर की राधिका चाइल्ड केयर की संचालिका राधिका को बच्चा बेचान के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद पत्रिका टीम ने 6 मार्च को यहां चाइल्ड केयर पर पड़ताल की तो वहां दो और मासूम के अलावा शराब की बोतलें तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी मिली। पत्रिका ने ‘परवरिश की आड़ में मासूमों की सौदेबाजी एवं रसोई में शराब की खाली बोतल, इधर दूध पीते दो मासूम, देखते ही किया दरवाजा बंद’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए। इस पर पुलिस ने राधिका चाइल्ड केयर के खिलाफ विभिन्न धाराओं मेंं मामला दर्ज किया था।

Published on:
19 Mar 2018 12:36 pm