स्वच्छ भारत मिशन में पिछड़े कोटड़ा क्षेत्र के लोगों को जागरूक कर शौचालय निर्माण व उपयोग के लिए प्रेरित करने के लिए दिखाई जाएगी टॉयलेट एक प्रेेेम कथा
कोटड़ा. स्वच्छ भारत मिशन में पिछड़े कोटड़ा क्षेत्र के लोगों को जागरूक कर शौचालय निर्माण व उपयोग के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से अनूठा प्रयोग शुरू करने की कवायद की जा रही है। उपखण्ड अधिकारी निशांत जैन ने उपखण्ड ग्राम पंचायतों के कुछ स्कूलों के प्रधानाचार्यां को उपखण्ड मुख्यालय बुलवाकर चर्चा की। इससे पहले जैन ने मिशन सफल बनाने कुछ एनजीओ, विकास अधिकारी आदि से भी सलाह मशविरा किया। अपरान्ह 3 बजे हुई बैठक में उपखण्ड अधिकारी ने 19 दिसम्बर को मुख्यालय पर युवा संगम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। इस आयोजन में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर संचालित स्कूलों को नामांकित कर छात्रों सहित छात्रावासों से भी छात्र व छात्राओं को बुलवाया जाएगा। जैन ने बताया कि विद्यार्थियों को टॉयलेट एक प्रेेेम कथा फिल्म दिखाई जाएगी।
फिल्म के जरिये छात्रों को शौचालय का महत्व बताया जाएगा व खुले में शौच से दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें अपने परिजनों को शौचालयों का निर्माण करने व उनका उपयोग करने के लिए भी प्रेेरित करने को कहा जाएगा। जैन ने बताया कि इस कार्य में एनजीओ का सहयोग भी लिया जाएगा। आगामी दिनों में महिलाओं को शौचालय के लिए जागरूक करने व अलग अलग ग्राम पंचायतों के मुुखिया व पटेलों का चयन कर उन्हें शौचालय बनाने के लिए प्रेेरित किया जाएगा। उससे पूर्व कोटड़ा उपखण्ड की ग्राम पंचायतों के ऐसे सरपंच, वार्ड पंच व पंचायत सहायकाेें के बारे में पता लगाया जाएगा जिनके घरो में अब तक शौचालय नहीं बने हैं।
यह है मुख्य समस्या
कोटड़ा के स्वच्छ भारत मिशन में सबसे निचले पायदान पर रहने का मुख्य कारण जलस्त्रोत की कमी है। कोटड़ा मुख्यालय को छोडक़र शेष सभी ग्राम पंचायतों की भौगोलिक परीस्थितियां विषम है।