उदयपुर

हड़ताल की ‘गंदगी’ से अटा है उदयपुर का ये हॉस्पिटल , चौपट हुई सफाई व्‍यवस्‍था

करीब 15 दिन से सफाईकर्मियों की हड़ताल का नहीं निकला स्थायी हल ,डंपिंग स्टेशन से लेकर पोस्टमार्टम परिसर के बाहर तक जमा कचरे का ढेर
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Updated: 20 Nov 2017, 3:12 PM IST
mb hospital

उदयपुर . बकाया वेतन एवं ठेकेदार के साथ विवाद को लेकर महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के सफाई कर्मियों का आक्रोश कम होता नहीं दिख रहा है। करीब 15 दिन से हड़ताल के चलते चिकित्सालय परिसर की सफाई एवं व्यवस्था बिल्कुल ही चौपट हो गई है। परिसर में गंदगी इस कदर हावी है कि वार्ड और ऑपरेशन थियेटर से आने वाले बायो वेस्ट को पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर जमा किया जा रहा है। समीप में संचालित स्वास्थ्य निरीक्षण प्रयोगशाला एवं भोजन कक्ष इस गंदगी से प्रभावित हो रहे हैं।


अपराह्न में पन्नाधाय महिला चिकित्सालय एवं एमबी हॉस्पिटल के वार्डों एवं शौचालयों में गंदगी की सुध लेने वाला कोई नहीं मिलता। अव्यवस्था से पूरा तंत्र प्रभावित है। दूसरी ओर, प्रशासनिक स्तर पर समस्या को लेकर स्थायी हल नहीं निकल पा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर न तो ठेकेदार और न ही सफाईकर्मियों को पाबंद किया जा रहा है।


चिंताजनक हैं हालात : गौरतलब है कि आरएनटी मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित एमबी और जनाना हॉस्पिटल में इकटठा होने वाले बायो वेस्ट के ट्रीटमेंट को लेकर सूरत की एन-विजन कंपनी से अनुबंध है। कंपनी की ओर से दूसरे या तीसरे दिन बायोवेस्ट उठाया जाता है। इस गंदगी को कलड़वास स्थित कंपनी के प्लांट तक ढककर ले जाया जाता है, लेकिन सफाईकर्मियों की नाराजगी से चिकित्सालय का कचरा भवन पूरी तरह से भर चुका है। गत तीन दिन से बायोवेस्ट नहीं उठाने से चिकित्सालय के कचरा स्टेशन के बाहर गंदगी पसरी है व वातावरण को प्रदूषित कर रही है।


हुआ समस्या समाधान
बायोवेस्ट उठाने के लिए रविवार शाम का समय निर्धारित था। मेरी जानकारी में गंदगी उठा ली गई है। सफाईकर्मियों को वेतन दिलाया जा चुका है। उनके सोमवार को हड़ताल पर जाने की जानकारी नहीं है। कर्मचारी नेता प्रभु रविवार को आया नहीं था। इसलिए उसका वेतन रह गया है। हड़ताल से पहले ही उसे भी वेतन दिला देंगे।
लक्ष्मीलाल वीरवाल, नर्सिंग अधीक्षक, एमबी हॉस्पिटल

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