
राजस्थान में खनन माफिया पर बड़ा खुलासा (पत्रिका फाइल फोटो)
उदयपुर: राजस्थान में प्रशासन और खान विभाग की सख्ती के दावों के बावजूद अवैध खनन, परिवहन और भंडारण का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेशभर में अवैध खनन के 53,707 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन पर कार्रवाई के तहत विभाग ने 501.31 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला है, जबकि 52,989 वाहन और मशीनें जब्त की गई हैं। विभागीय आंकड़े ही उजागर कर रहे हैं कि प्रशासनिक कार्रवाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ जुर्माना वसूलने और वाहन जब्ती तक सीमित रह जाता है। इस दौरान दर्ज 6,158 एफआईआर के मुकाबले महज 3,412 गिरफ्तारियां ही हुई हैं। यानी लगभग आधी एफआईआर के मामलों में आरोपी पुलिस और प्रशासन की पकड़ से दूर हैं।
अवैध खनन पर पैनी नजर रखने वाले जानकारों के मुताबिक, विभागीय जब्ती अक्सर डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी चालकों तक ही सिमटकर रह जाती है। नियमानुसार निर्धारित जुर्माना जमा कराने के बाद अधिकांश वाहन फिर से छूट जाते हैं। खनन सिंडिकेट के लिए यह पेनल्टी किसी 'ऑपरेशनल कॉस्ट' (कारोबारी खर्च) की तरह बन चुकी है। अरावली श्रृंखला के संवेदनशील वन क्षेत्रों से लेकर बजरी, मार्बल, मेसनरी स्टोन और चूना पत्थर वाले इलाकों में अनियंत्रित उत्खनन पर्यावरण और भूजल स्तर के लिए गंभीर संकट खड़ा कर रहा है।
वर्ष 2025-26 में अवैध खनन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई। पहली बार मामलों की संख्या 10,569 तक पहुंची और रिकॉर्ड 110.96 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों (अप्रैल से 30 सितंबर 2026) के आंकड़े बताते हैं कि इस साल कार्रवाई की रफ्तार और तेज है। महज छह माह में ही 5,799 मामले दर्ज किए गए, 832 एफआईआर दर्ज कराई गईं और 568 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पांच वर्षों में दर्ज 6,158 एफआईआर के मुकाबले महज 3,412 लोगों की गिरफ्तारी होना बड़ा सवाल खड़ा करता है कि केस दर्ज होने के बाद पुलिस जांच किस स्तर तक पहुंचती है। अधिकांश मामलों में केवल 'अज्ञात चालकों' के खिलाफ मामला दर्ज होना या मौके से मुख्य ऑपरेटरों का बच निकलना इसकी प्रमुख वजह है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अवैध खनन के माफिया पर कड़ा कानूनी शिकंजा नहीं कसा जाएगा, तब तक केवल चालान और वाहन जब्ती से इस काले कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना नामुमकिन है।
| वर्ष | केस | एफआईआर | जब्त वाहन | जुर्माना (करोड़ ₹) | गिरफ्तारी |
|---|---|---|---|---|---|
| 2021-22 | 9,073 | 1,070 | 9,092 | 88.84 | 719 |
| 2022-23 | 9,372 | 1,069 | 9,362 | 81.81 | 432 |
| 2023-24 | 9,563 | 1,219 | 9,033 | 108.32 | 562 |
| 2024-25 | 9,331 | 801 | 9,342 | 67.05 | 397 |
| 2025-26 | 10,569 | 1,167 | 10,403 | 110.96 | 734 |
| 2026-27 | 5,799 | 832 | 5,757 | 44.33 | 568 |
| कुल योग | 53,707 | 6,158 | 52,989 | 501.31 | 3,412 |
नोट: आंकड़े 30 सितंबर 2026 तक के हैं। जुर्माने की राशि करोड़ रुपए में है।
Updated on:
29 Oct 2026, 2:31 PM IST
Published on:
29 Oct 2026, 2:31 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.