उदयपुर

Rajasthan News: 6 दिन में 5 मासूमों की रहस्यमयी मौत- ‘सरकार’ में खलबली, CM भजनलाल ने दिए निर्देश

राजस्थान के नवगठित सलूम्बर जिले से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के दो गाँवों में पिछले छह दिनों के भीतर 5 मासूम बच्चों की रहस्यमयी मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया है और जयपुर से लेकर उदयपुर तक का चिकित्सा महकमा हाई-अलर्ट पर है।

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Apr 07, 2026

राजस्थान के सलूम्बर जिले के घाटा और लालपुरा गाँवों में एक अज्ञात बीमारी ने मासूमों की जान लेना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह के भीतर 5 बच्चों की अचानक हुई मौतों से ग्रामीणों में भारी दहशत है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अधिकारियों को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने और बीमारी की रोकथाम के लिए 'वॉर-फुटिंग' पर काम करने के निर्देश दिए हैं।

6 दिन, 5 मौतें और अनसुलझी पहेली

लालपुरा और घाटा गाँवों में बच्चों को पहले हल्का बुखार और कमजोरी की शिकायत हुई। परिजनों ने उन्हें स्थानीय अस्पतालों और फिर उदयपुर के एमबी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन देखते ही देखते 5 बच्चों ने दम तोड़ दिया।

  • मृतक बच्चों का विवरण: लालपुरा निवासी दीपक (5), सीमा (3), लक्ष्मण (7) और घाटा निवासी राहुल (4) व काजल की मौत के मामले सामने आए हैं।
  • लक्षण: बच्चों को मामूली बुखार के बाद अचानक शरीर टूटने और कमजोरी की शिकायत हो रही है।

मुख्यमंत्री का एक्शन- RNT मेडिकल कॉलेज की टीम रवाना

मामले की गूँज जयपुर पहुंचते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश पर:

  • विशेषज्ञ टीम: आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के चिकित्सा विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय टीम प्रभावित गाँवों में भेजी गई है।
  • सतत निगरानी: मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी रखने को कहा है।

'ग्राउंड जीरो' पर स्वास्थ्य विभाग, घर-घर सैंपलिंग

स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के निर्देशानुसार, सलूम्बर के सीएमएचओ और उनकी टीम गाँवों में डेरा डाले हुए है।

  • सघन स्क्रीनिंग: गाँवों में बुखार के लक्षण वाले हर बच्चे की स्क्रीनिंग की जा रही है।
  • एंटी-लार्वा गतिविधियां: मच्छरजनित बीमारी की आशंका को देखते हुए फॉगिंग और सोर्स रिडक्शन का काम शुरू कर दिया गया है।
  • सैंपलिंग: बीमार बच्चों और उनके परिजनों के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

परिजनों का दर्द और आक्रोश

जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग को परिजनों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। एक मृतक मासूम के पिता ने सैंपल देने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने पहले धरियावद, सलूम्बर और उदयपुर के अस्पतालों में जांच करवाई थी, लेकिन रिपोर्ट में कुछ नहीं निकला। परिजनों का आरोप है कि समय रहते सही इलाज और बीमारी की पहचान न होने के कारण उनके बच्चों की जान गई।

प्रशासन की अपील: घबराएं नहीं, सावधानी बरतें

एसडीएम दिनेश आचार्य और बीसीएमएचओ डॉ. सिंटु कुमावत ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।

  • सावधानी के निर्देश: ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने, आसपास सफाई रखने और किसी भी बच्चे को बुखार होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई है।
  • विशेषज्ञों की राय: फिलहाल डॉक्टरों का मानना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह वायरल है, बैक्टीरियल इंफेक्शन है या कोई नई रहस्यमयी बीमारी।
Updated on:
07 Apr 2026 10:22 am
Published on:
07 Apr 2026 09:48 am
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