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SCHOOL EDUCATION: कैसे सुधरेगा का शिक्षा का स्तर, 3 कमरे और 300 छात्र-छात्राएं, 16 स्वीकृत पदों में 8 रिक्त, एक प्रतापगढ़ में प्रतिनियुक्ति पर
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Oct 11, 2019
विद्यार्थियों का धरना प्रदर्शन
विद्यार्थियों का धरना प्रदर्शन

विनोद जैन. पारसोला (पसं) . राज्य एवं केन्द्र सरकार समय-समय पर जनजाति बहुल क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए प्रयास कर रही है लेकिन इस क्षेत्र के विद्यालयों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। क्षेत्र में कुछ विद्यालय सुविधा सम्पन्न हैं तो पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से शिक्षण व्यवस्था बदहाल हो रही है, वहीं कई विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ है लेकिन इनमें सुविधा का अभाव है।
पारसोला के समीप चरपोटिया ग्राम पंचायत के राजकीय माध्यमिक विद्यालय, घनेरा की स्थिति बदहाल है। विद्यालय वर्ष 2018 में उच्च प्राथमिक से माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत हुआ था। इसमें तीन सौ छात्र-छात्राओं के लिए मात्र तीन व्यवस्थित कक्षा कक्ष हैं। तीन पुराने जर्जर कमरों में पोषाहार एवं स्टोर रूम बना रखा है। विद्यालय की पांच कक्षाएं सर्दी, गर्मी एंव बरसात हर मौसम में नीम के पेड़ के तले चलती हैं। विद्यालय सडक़ के किनारे होने एवं चारदीवारी नहीं होने से अध्ययन-अध्यापन प्रभावित होता है। विद्यालय में शौचालय जर्जर एवं क्षतिग्रस्त होने से छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विद्यालय में एक वर्ष पूर्व 14 कम्प्यूटर सेट आए थे जो कमरा एवं टे्रनर नहीं होने से धूल फांक रहे हैं। विद्यालय में विभाग ने 16 पद स्वीकृत किए हैं जिसमें हिन्दी, गणित एवं अग्रेजी द्वितीय श्रेणी के अध्यापक के साथ ही सात पद रिक्त हैं। एक शिक्षक गणपतलाल मीणा विद्यालय में 5 जुलाई को नियुक्ति के समय से प्रतापगढ़ डाइट कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर चल रहा है। रसोई घर की व्यवस्था नहीं है। छात्र संख्या ज्यादा होने से चूल्हे पर खाना बनाया जाता है। सरपंच लक्ष्मण लाल मीणा ने बताया कि विद्यालय की चारदीवारी का ग्राम पंचायत में प्रस्ताव लिया गया है।

Published on:
11 Oct 2019 02:38 am