
भुवनेश पंड्याा/ उदयपुर . राजस्थान में गो तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पुलिस की तमाम सख्ती के बावजूद ये धडल्ले से तस्करी में लगे हैं। वे बेधडक़ गायों की तस्करी कर रहे हैं। प्रदेश में गत 2015 से 17 तक एक हजार से अधिक मामले सामने आए हैं। पुलिस ने इन मामलों को पकड़ कर करीब 16,428 गोवंश छुड़वाया।
गो तस्करों को पकडऩे के दौरान तस्करों ने 33 बार पुलिस पर गोलियां चलाई जिसमें 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। एक तस्कर की मौत हुई और तीन घायल हुए। गोली चलाने के सर्वाधिक मामले भरतपुर में 16 बार हुए। हालांकि तस्करी का ये खेल अब भी बेखौफ जारी है। मामलों में पुलिस ने 1051 वाहनों को जब्त किया तो 2098 गो तस्करों को पकड़ा। 931 मामलों में चालान पेश किए गए, तो 122 प्रकरणों पर एफआईआर दी गई, जबकि 60 प्रकरणों में पुलिस अनुसंधान कर रही है। राजस्थान गोवंशीय पशु (वध का प्रतिषेध एवं अस्थाई प्रव्रजन व निर्यात विनियमन) अधिनियम 1995 के तहत कार्रवाई की जाती है।
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तीन वर्ष
बड़े मामले इन जिलों में, एक बानगी
जिला... मामले ... बरामद गो वंश
उदयपुर...62....977
अजमेर 32... 570
अलवर 371... 2438
जयपुर ग्रामीण 51...1290
भरतपुर 183...2253
डूंगरपुर 32...542
भीलवाड़ा 49...1414
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हमारे पास जो मामले आते हैं, उन्हें हम तत्काल कार्रवाई कर पकड़ते हैं। खास बात यह है कि यहां पर प्रतिरोध वाली कोई बात नहीं रहती। सख्ती पूरी बरती जा रही है।
राजेन्द्रप्रसाद गोयल, पुलिस अधीक्षक उदयपुर
ट्रक के पीछे बाइक घुसी, चालक की मौत
कोटड़ा. बेकरिया थाना क्षेत्र में रविवार शाम दुर्घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर बेकरिया थानाधिकारी कर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। मृत युवक का शव बेकरिया सीएचसी पर रखवाकर परिजनों को सूचना दी। थानाधिकारी ने बताया कि मोरबी सेनेट्री पाइप भरकर कोटा की तरफ जा रहे ट्रक में तकनीकी खराबी आने से ट्रक कांकरी घाटी पर खड़ा हो गया। शाम 4 बजे दोपहिया वाहन पर सवार भेराराम पुत्र खंगाराम गरासिया निवासी निवासी पीपला ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराया। उसके सिर में गंभीर चोट आई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।