राजस्थान में पुलिस पर फायरिंग के बाद कुख़्यात अपराधी हुआ फ़रार, जानें किस तरह दिया वारदात को अंजाम
उदयपुर ।
जुरहरा के गांव सहसन में शुक्रवार सुबह करीब छह बजे उदयपुर और जुरहरा पुलिस पर ग्रामीण पथराव व फायरिंग करके वांछित आरोपी को छुड़ा ले गए। उदयपुर पुलिस सात दिन से गैस कटर से 2 एटीएम काटकर 24 लाख की लूट में फरार चिह्नित आरोपियों की तलाश में भरतपुर और हरियाणा में डेरा डाले हुए थी।
पुलिस टीम ने गांव सहसन में आरोपी को घर के बाहर ही जैसे ही दबोचा वैसे ही आरोपी ने शोर मचाकर परिजन और परिचित को बुला लिया। भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव के साथ फायरिंग भी की। इसी बीच आरोपी वहां से भाग गया। पथराव के दौरान पुलिस की गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए और हमले में नौ पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए । जिनका जुरहरा पुलिस ने मेडिकल कराया है। जुरहरा पुलिस ने बताया कि उदयपुर पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया है। आरोपितों के परिवार की तीन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ़्त में लिया है।
ये है पूरा मामला
उदयपुर पुलिस के घायल एसआई यशवंत सिंह ने बताया कि गत 19 अप्रेल 2018 की रात थाना हिरणमगरी व डबोक थाना क्षेत्र से दो एटीएम गैस कटर से काट कर 24 लाख रुपए की लूट हुई थी। सीसीटीवी फुटेज से आरोपित लुटेरों की गाड़ी का नम्बर मिल गया।
एटीएम से लूट में शामिल अपराधी पप्पी सिंह निवासी सहसन की पहचान और सीसीटीवी फुटेज से मिलान होने पर शुक्रवार सुबह करीब छह बजे जुरहरा पुलिस के मुख्य आरक्षी रविन्द्रसिंह के साथ गांव सहसन पहुंचे। पुलिस टीम ने पप्पी पुत्र पालसिंह को घर के बाहर दबोच लिया। पुलिस की गिरफ्त आते ही पप्पी ने शोर मचा दिया।
पप्पी के चिल्लानें पर परिजनों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में आरोपी के पिता, भाई और अन्य लोग और महिलाएं शामिल थे। पथराव के बीच में पप्पी सिंह पुलिस से हाथ छुड़ा कर छत पर चढ़ गया और पुलिस पर फायरिंग कर दी।
जुरहरा थाना के मुख्य आरक्षी मानसिंह ने बताया कि आरोपी पप्पी सिंह, पप्पी के पिता पालासिंह, भाई मलकीत, सोनू सहित 8-10 पुरुषों के साथ ही 5-6 महिलाओं के खिलाफ पथराव और फायरिंग का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपितों ने पुलिस टीम पर एक फायर किया तो पुलिस टीम ने भी आत्मरक्षा में एक फायर किया ।
जिस राज्य में गए, वहां की लगा ली गाड़ी पर नम्बर प्लेट
उदयपुर पुलिस ने बताया कि 20 अप्रेल 2018 को ही अपराधी की गाड़ी और उनके चेहरे मिले गए थे। लुटेरों का पीछा किया तो वे राजस्थान की सीमा से मप्र के नीमच और मंदसौर होकर राजस्थान के धौलपुर पहुंचे। यहां से यूपी के जिला आगरा की सीमा और फिर राजस्थान की सीमा से होकर हरियाणा पहुंचे। जिस-जिस राज्य में अपराधी गाड़ी से प्रवेश करते गाड़ी की नम्बर प्लेट वहां की लगा लेते थे। इसलिए गाड़ी की पहचान करने में पीछा करने वाली टीम को परेशानी हो रही थी।
गाड़ी पर मिले नाम और सीसीटीवी फुटेज में मिले अपराधियों के फोटो से पुलिस ने चार आरोपित चिह्नित किए। जिनमें एक गांव सहसन निवासी पप्पी सिंह और हरियाणा के नूंह जिले के तीन सगे भाई हैं।
पुलिस ने पथराव और फायरिंग के साथ आरोपी पप्पी सिंह को फरार कराने में विमलेश पत्नी मलकीत, कृष्णा पुत्र पालासिंह और सीमा पत्नी पाला सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक पप्पी सिंह एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ जुरहरा, फरीदाबाद, दिल्ली और अलवर में करीब 10 मामले दर्ज हैं।