
माेे. इलियास/ उदयपुर . बिट कॉइन की आड़ में पौंची स्कीम चलाकर संचालक व उसके गुर्गों ने चार साल पूर्व चेन्नई व बेंगलूरु में कई निवेशकों को डुबाने के बाद राजस्थान में कदम रखे। यहां पर उन्होंने पुराने नेटवर्क में काम कर चुके 12 एजेन्ट/लीडर को जोडकऱ स्कीम का प्रचार- प्रसार कर राजस्थान व मध्यप्रदेश के निवेशकों को डुबाया। एजेन्टों ने निवेशकों को चेन स्कीम में रकम के अनुपात में लेफ्ट राइट सदस्य जोडऩे पर बोनस भी बांटे। कइयों को लेपटॉप, आइपैड, कारें गिफ्ट की गई तो कुछ को बैंकाक व दुबई सैर भी करवाई।
क्रिप्टो करेंसी (आभासी मुद्रा) का यह पूरा खेल राजस्थान में मानव, मन्नु, मनोज भाई के नाम के संचालक व उसके गुर्गों ने खेला। इन लोगों ने राजस्थान व मध्यप्रदेश में कई निवेशकों को डूबाया। राजस्थान में सर्वाधिक रकम उदयपुर के अलावा बूंदी तथा मध्यप्रदेश में ब्यावरा (उज्जैन) के लोगों डूबी। कॉइन खरीदने वालों ने 24 हजार से लेकर 8 लाख तक का निवेश किया। तीन गुना पैसे का लालच देने वाली इस स्कीम के शुरुआत में प्रतिदिन तीन डॉलर आए लेकिन चार माह से यह रकम आनी बंद हो गई। अम्बामाता थाने में दर्ज एक एफआईआर की जांच में पुलिस खुद चकरघिन्नी बन गई। जांच में इसमें नई-नई परतें खुलती ही जा रही हैं।
उदयपुर में 4 एजेन्टों में दो महिलाएं
क्रिप्टो करेंसी के खेल में उदयपुर में दो महिलाएं व दो युवक शामिल थे। इन्होंने कमीशन में करोड़ों रुपए कमाए। इतना ही नहीं कॉइन के नाम पर उन्होंने उदयपुर में बैठे-बैठे हवाला धंधे की तर्ज पर करोड़ों रुपए इधर-उधर किए। मोबाइल एप के जरिये करेंसी के इस आदान -प्रदान एवं डॉलर के आने-जाने के खेल में सरकार को भी टैक्स का भारी नुकसान हुआ।
लक्ष्य पूरा होने पर रॉयल्टी भी
क्रिप्टो करेंसी में निवेशकों द्वारा चेन स्कीम में 20 हजार तक लेफ्ट-राइट सदस्य बनाने पर रॉयल्टी स्वरूप डॉलर दिए जाते हैं जिसे कैश करवाया जा सकता है।
इतना लक्ष्य, उतना बड़ा गिफ्ट
10 हजार लेफ्ट 10 हजार राइट सदस्य पर - एक आइपेड
25 हजार लेफ्ट 25 हजार राइट सदस्य पर -बैंकाक ट्यूर
35 हजार लेफ्ट 35 हजार राइट सदस्य पर - 1 लाख तक की बाइक
50 हजार लेफ्ट 50 हजार राइट सदस्य पर - कार
75 हजार लेफ्ट 75 हजार राइट सदस्य पर - एसयूवी कार
1.50 लाख लेफ्ट 1.50 लाख राइट पर - ओडी कार
190 लोगों को करवाई बैंकाक की यात्रा
- 85 लोगों को भेजा दुबई