जलदाय विभाग: कंट्रोल रूम पर दैनिक 50 शिकायतें दर्ज उदयपुर. मार्च के तीन सप्ताह बीत चुके हैं और अब गर्मी तेज होने लगी है। ऐसे में शहर में पानी की डिमांड भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। पिछले दिनों बदले मौसम से कुछ राहत मिल गई, वरना कई क्षेत्रों में समस्या आधे मार्च के साथ ही […]
जलदाय विभाग: कंट्रोल रूम पर दैनिक 50 शिकायतें दर्ज
उदयपुर. मार्च के तीन सप्ताह बीत चुके हैं और अब गर्मी तेज होने लगी है। ऐसे में शहर में पानी की डिमांड भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। पिछले दिनों बदले मौसम से कुछ राहत मिल गई, वरना कई क्षेत्रों में समस्या आधे मार्च के साथ ही शुरू हो जाती। इन दिनों की बात करें तो शहर में दैनिक 50 शिकायतें जलापूर्ति से संबंधित आ रही है। कई क्षेत्रों में जलापूर्ति कम होने की स्थिति बन रही है।
शहर में जलापूर्ति कम होने की सर्वाधिक समस्या मानसीवाकल और जयसमंद झीलों से होने वाली जलापूर्ति से संबंधित क्षेत्रों में रहती है। जयसमंद की जलापूर्ति वाले क्षेत्रों की बात करें तो पुरानी पाइपलाइन बार बार क्षतिग्रस्त होने से समस्या आती है, वहीं मानसीवाकल की पाइपलाइन का क्षेत्र लम्बा होकर प्रतापनगर तक है। ऐसे में इससे जुड़े क्षेत्रों की जलापूर्ति में भी बार बार रुकावटें आती है। प्रतापनगर सबडिवीजन से संबंधित सुंदरवास, खेमपुरा क्षेत्र में पिछले चार दिन से जलापूर्ति प्रभावित है। यहां कम दबाव से जलापूर्ति के चलते कई घरों में नलों से पानी बूंद बूंद ही टपक रहा है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्र के निवासी बूस्टर लगाकर पानी खींच रहे हैं या हेंडपम्प और नलकूपों से पानी का बंदोबस्त कर रहे हैं।
नीमचखेड़ा में फिर बिगड़ी स्थिति, सुध नहीं ले रहे इंजीनियर
नीमच खेड़ा स्थित दुर्गा कॉलोनी क्षेत्र में फिर दूषित पानी की सप्लाई होने से क्षेत्रवासियों में रोष है। स्थानीय लोगों ने बताया कि समस्या को लेकर पहले भी जलदाय विभाग को शिकायत की थी। विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। हाल ही में चिकित्सा विभाग की ओर से क्षेत्र से पानी के नमूने लेकर जांच की गई, जिसकी रिपोर्ट में पानी में हानिकारक बैक्टीरिया पाए जाने की पुष्टि हुई है। ऐसे में पानी पीने योग्य नहीं है और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जलदाय विभाग के एईएन और जेईएन की लापरवाही के कारण समस्या बार-बार सामने आ रही है। प्रशासन से मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इधर, गर्मी के लिए बजट को मिली स्वीकृति
जलदाय विभाग के समर प्लान का बजट भी मंजूर हो गया है। प्लान के मुताबिक इस बार जिले में गर्मी में पेयजल बंदोबस्त पर 12.24 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। आकस्मिक बंदोबस्त के लिए कलक्टर को 1 करोड़ का बजट भी स्वीकृत किया गया है। विभाग के मुताबिक गर्मी में बढ़ती पेयजल मांग को ध्यान में रखते हुए जल स्रोतों की निगरानी, पंपिंग सिस्टम की मरम्मत, पाइपलाइन सुधार और वैकल्पिक व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। शहर सहित जिले में 88 तरह के काम होंगे, जिनमें जरुरत के मुताबिक टेंकर से जलापूर्ति किया जाना भी शामिल है। इसके अलावा शहर में नलकूप, पाईपलाइन और पम्पसेट लगाने पर काम होगा। साथ ही पाइपलाइनों के लीकेज नियंत्रित करने पर भी जोर दिया गया है।