अनिश्चितकालीन सीएल पर मंथन जारी, एमबी हॉस्पिटल और जनाना चिकित्सालय में हालात चिंताजनक
उदयपुर . विभिन्न मांगों को लेकर सरकार की हठधर्मिता के विरोध में हड़ताल पर उतरे सेवारत चिकित्सकों एवं रेजिडेंट डॉक्टर्स यूनियन के बाद शुक्रवार को आरएनटी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक शिक्षकों की अन्य मांगों को लेकर दो घंटे की हड़ताल गरीब तबके के मरीजों पर भारी पड़ गई। सुबह दूरदराज क्षेत्रों से मुख्यालय स्थित महाराणा भूपाल चिकित्सालय पहुंचे मरीज टकटकी लगाए हुए मेडिकल टीचर्स के ओपीडी में पहुंचने की राह तकते रहे, जबकि सुबह 9 से 11 बजे तक वे जीबीएम (जनरल बॉडी मीटिंग) में सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ शनिवार से बेमियादी हड़ताल पर जाने की रणनीति बनाते रहे।
इधर, मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित हिरणमगरी एवं चांदपोल सेटेलाइट हॉस्पिटल में भी मरीजों की हालत दयनीय बनी रही। 4 दिन से सेवारत चिकित्सकों एवं दो दिन से रेजिडेंट्स के हड़ताल पर जाने से राजकीय चिकित्सालयों में मरीजों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। स्थिति को भांपते हुए औसत के आधे मरीज ही सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इधर, चिकित्सालयों में आवश्यक को छोडक़र अन्य सभी ऑपरेशन भी टाल दिए गए। पुलिस की कार्रवाई एवं प्रदेश में लागू रेस्मा के भय से सेवारत चिकित्सक उनके निजी आवास से इतर रह रहे हैं। इधर, जिला पुलिस ने धरपकड़ को लेकर गोपनीय तैयारियां जारी रही जिसका देर शाम तक खुलासा नहीं हुआ।
आधा हुआ ओपीडी : आम दिनों में करीब 6 हजार रोगियों के ओपीडी वाले एमबी और जनाना चिकित्सालय में गुरुवार रात १२ बजे से शुक्रवार शाम 7 बजे तक करीब 3 हजार रोगी ही पहुंचे। आमतौर पर सैकड़ों के इंडोर के मुकाबले वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या 80 तक रही।
निजी अस्पतालों में यह रही स्थिति : राजकीय चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सकों की हड़ताल के बीच निजी क्षेत्र के चिकित्सालयों में जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल बेड़वास मरीजों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधाएं और दवाइयां उपलब्ध करवा रहा है। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज, भीलों का बेदला में आम रोगियों के लिए परामर्श सेवाओं के लिए काउंटर पंजीयन शुल्क हमेशा की तरह ३० रुपए ही निर्धारित रही। आम दिनों की तरह गर्भवती महिलाओं की सुविधाएं पूरी तरह नि:शुल्क मिली। न्यूरो सर्जरी एवं यूरोलॉजी विभाग में मरीजों की जांच के लिए तय शुल्क लिया गया। इधर, गीतांजली हॉस्पिटल में आम