
उदयपुर: प्रतापनगर थाना क्षेत्र के सुंदरवास ओस्तवाल नगर में मंगलवार शाम जमीन और निर्माण संबंधी विवाद को लेकर एक वृद्ध पर जानलेवा हमला कर दिया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल वृद्ध की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। वारदात के बाद जैन समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया और आक्रोशित भीड़ ने मुर्दाघर तथा प्रतापनगर थाने के बाहर जमकर हंगामा किया।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान मूलतः खेरोदा निवासी सागरमल मेहता (65) पुत्र छगनलाल मेहता के रूप में हुई है, जो वर्तमान में ओस्तवाल नगर में रह रहे थे। पुलिस ने शव को एमबी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाकर प्रथमदृष्टया हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सागरमल मेहता के मकान के ठीक पीछे एडवोकेट प्रवीण सिंह आसोलिया के मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। आरोपी की ओर से नियमानुसार शेडबैक छोड़े बिना निर्माण कराया जा रहा था, जिस पर सागरमल ने आपत्ति जताई थी। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर उदयपुर विकास प्राधिकरण ने एक बार काम रुकवा भी दिया था, लेकिन आरोपी कोर्ट से स्टे ले आया और दोबारा निर्माण शुरू करवा दिया।
इसी बात को लेकर मंगलवार शाम को मेहता परिवार और आरोपी के बीच तीखी बहस हो गई। मृतक के बेटे राहुल मेहता ने आरोप लगाया कि बहस बढ़ने पर आरोपी प्रवीण सिंह आसोलिया राव, उसके चचेरे भाई अनुराग राव और एक अन्य व्यक्ति ने मिलकर उसके पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की। गंभीर चोटें आने के कारण वृद्ध की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वारदात के तुरंत बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही प्रतापनगर थानाधिकारी अजय सिंह राव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इधर, वृद्ध की हत्या की खबर फैलते ही जैन समाज के लोग उद्वेलित हो उठे। आरोपी वकील और उसके साथियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार रात से ही मुर्दाघर के बाहर भीड़ जुटना शुरू हो गई।
बुधवार सुबह शव के पोस्टमॉर्टम के दौरान भी बड़ी संख्या में समाजजन मुर्दाघर और प्रतापनगर थाने पहुंचे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। क्षेत्र में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।