
उदयपुर/ भटेवर. electricity problem अजमेर विद्युत वितरण निगम की ओर से भटेवर स्थित 33 केवी जीएसएस (सब ग्रिड स्टेशन) में स्थापित पावर ट्रांसफार्मर में तकनीकी कारणों के चलते रविवार सुबह आग लग गई। धूं-धूं कर खासी देर तक ट्रांसफार्मर सुलगता रहा, लेकिन आंखों के सामने लगी आग के बावजूद निगम कार्मिक कुछ नहीं कर सके। इधर, तकनीकी तौर पर अस्वस्थ हुए ट्रांसफार्मर से जुड़ी बिजली सप्लाई भी बंद हो गई, जो करीब 12 घंटे से अधिक समय तक गुल रही। देर रात तक निगम कार्मिक व्यवस्था सुधार के दावे करते रहे, लेकिन लोगों को राहत भरे संदेशों के बीच रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। भटेवर ही नहीं बल्कि समीपवर्ती खरसान, खोखरवास, भूतपुरा, ढावा, जोरजी का खेड़ा, मोरझाई सहित कई गांव अंधेरे में डूबे रहे।इधर, निगम के सहायक अभियंता मिथलेस कुमार ने कहा कि तकनीकी खामी के बीच पावर ट्रांसफार्मर में आग लग गई थी। इसके चलते क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। बिजली व्यवस्था सुचारू करने के लिए उदयपुर मुख्यालय से नया ट्रांसफार्मर मांगा गया। उदयपुर से इंजीनियरों का दल भी मौके पर पहुंचा, लेकिन लोगों को राहत पहुंचाने वाले सभी प्रयास निरर्थक रहे। व्यवस्था सुधार में कनिष्ठ अभियंता गजेंद्र कुमार कलाल, लाइन मैन एवं अन्य व्यवस्था सुधार में डटे रहे।
बकायदारों की जिंदगी में 'अंधेरे का सायाÓ
उदयपुर/ झाड़ोल. बिजली बिल का बकाया चुकाने वाले उपभोक्ताओं की ढिलाई पर अब अजमेर विद्युत वितरण निगम की सख्ती नित नई मुसीबतें ला रही है। उच्चाधिकारियों के आदेश की पालना में निगम के स्थानीय नुमाइंदों ने बकायदारों के बिजली कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई तेज कर दी है। ऐसे में उपभोक्ताओं एवं उनके परिवारों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। निगम स्तर पर शनिवार को इसी क्रम में तीन कनेक्शन काटे गए। इन उपभोक्ताओं पर लंबे समय से बिजली बिल चुकाने में ढिलाई बरतने का आरोप है। इसके अलावा सख्ती दिखाते हुए निगम ने ऐसे स्थानों से डीपी उतारने में भी देरी नहीं की। सहायक अभियता श्याम सुन्दर मीणा ने बताया कि बाघपुरा निवासी गजेन्द्र नागदा के चक्की के नाम पर करीब 8 हजार रुपए का बकाया है। इसलिए मौके से डीपी ही उतारने का निर्णय किया गया। सवाराम कटारा के 29 हजाररुपए एवं नकाराम बसार के 67 हजार बकाया होने के कारण कनेक्शन विच्छेद किया गया। electricity problem निगम का आरोप है कि मामले में कई बार उपभोक्ताओं को नोटिस भी दिया गया, लेकिन उनकी ओर से बकाया चुकाने में कोताही बरती गई।