मेनार. देश-दुनिया के पर्यटकों को खेत-खलिहानों, सुबह-शाम के सुकूनभरे माहौल और माटी की सौंधी महक के करीब लाया जाएगा।
मेनार. देश-दुनिया के पर्यटकों को खेत-खलिहानों, सुबह-शाम के सुकूनभरे माहौल और माटी की सौंधी महक के करीब लाया जाएगा। इसके लिए मेवाड़ में मार्च से विलेज टूरिज्म की शुरुआत होने जा रही है। दिल्ली और महाराष्ट्र के टूर ऑपरेटर्स मेवाड़ (खासकर उदयपुर) के गांवों का टूर पैकेज देने वाले हैं। प्राइम डेस्टिनेशन में बर्ड विलेज मेनार भी शामिल है, जहां पर्यटकों को नाइट स्टे और ग्रामीणों को आमदनी का मौका मिलेगा।
डेस्टिेनेशन की सूची चर्चा और मंथन के साथ बढ़ाई जाएगी। सोच यही है कि पर्यटकों को गैजेट्स से बढ़ रहे उनींदेपन व आपधापी की थकान से दूर ठेठ देहात का सीधे-सरल माहौल दिलाया जाए। दिल्ली, महाराष्ट्र टूर ऑपरेटर्स के साथ दोनों प्रदेशों के टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी इस बड़े कदम में शामिल होंगे, जिसे फेम टूर-2018 नाम दिया गया है।
ऊंट-घोड़ा गाड़ी के साथ ट्रैक्टर राइड, नाच-गान में गेर, गवरी और घूमर
डेस्टिनेशन विलेज में ग्रामीण जनजीवन को करीब से महसूस कराने के साथ पर्यटकों को वही माहौल दिया जाएगा, जिसमें ग्रामीण रोजमर्रा जिंदगी जीते हैं। मनोरंजन के लिए ऊंट-घोड़ागाड़ी के अलावा ट्रैक्टर राइड होगी, जबकि भोजन-व्यंजन चूल्हे पर पके हुए परोसे जाएंगे। संस्कृति व राजस्थान दर्शन के लिए लोकनृत्य गेर, घूमर और गवरी की व्यवस्था रहेगी। फेम टूर में आने वाले सभी टूरिस्ट घरों और टेंट में ही रहेंगे। जिन घर में उनका ठहराव होगा, वहीं उनके सादगी भरे ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर की व्यवस्था रहेगी। बदले में ऑपरेटर्स प्रति पर्यटक शुल्क तय करेंगे, जो मकान या टेंट वाले को चुकाया जाएगा।
टूर ऑपरेटर्स विदेशी पर्यटकों को भी इस ओर आकर्षित करेंगे। ऑपरेटर्स का मानना है कि बैलों से खेतों की हकाई-जुताई, बाल्टी के जरिए कुएं से प्यास बुझाना, सुबह-शाम के वक्त सुकूनभरे माहौल में तालाब किनारे या पहाडिय़ों पर परिंदों को निहारना, कुम्हारों की पारंपरिक कला, लहलहाती फसलों को देखना पर्यटकों के लिए रोमांच और सुकून से भरा होगा। पशु पालन, डेयरी, दूध दुहने, चारपाई पर सोने, खेत से ताजे फल-सब्जियों के उपयोग के साथ वे गली-मोहल्लों में बैल या ऊंट गाड़ी का रोमांच भी पा सकेंगे। कैम्प फायर की तर्ज पर चौपाल पर अलाव, ट्यूबवेल के पानी में नहाना और पारंपरिक खेल भी उन्हें आकर्षित करेंगे। इन सबके लिए पर्यटकों को तीन रात और चार दिन के पैकेज दिए जाएंगे।
ग्रामीणों को रोजगार , गांव-कस्बों को पहचान
महाराष्ट्र टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभुलाल जोशी बताते हैं कि फेम टूर के कई फायदे होंगे। ग्रामीणों को रोजगार तो मिलेगा ही, गांव-कस्बों को नई पहचान भी मिलेगी। ये पर्यटन मानचित्र पर आएंगे। फेम टूर 2018 में दिल्ली और महाराष्ट्र के ऑपरेटर मार्च में विलेज टूरिज्म डवलपमेंट के तहत गांवों मे रुकेंगे। फिलहाज मेनार को चुना है। स्थानीय टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथदिल्ली के पदाधिकारियों और होटल एसोसिएशन से जुड़े लोगों को भी शामिल किया जाएगा।