उदयपुर

अपनी ही बेटी को बांध रखा था जंजीरों से, शरीर पर कई जगह पर चोटों से हो रखे थेे घाव.. हालत देखकर दंग रह सभी

- परिजनों ने बताया मानसिक रोगी, चिकित्सा विभाग ने अस्पताल पहुंचाया
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May 10, 2019
salumber
अपनी ही बेटी को बांध रखा था जंजीरों से, शरीर पर कई जगह पर चोटों से हो रखे थेे घाव.. हालत देखकर दंग रह सभी

सलूम्बर . क्षेत्र के थड़ा गांव के एक परिवार की किशोरी बीते तीन-चार माह से जंजीर से बंधी थी। सूचना पर चिकित्सा विभाग के तहत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम गांव में पहुंची और किशोरी को जंजीर से मुक्त कराया। परिजनों ने किशोरी को मानसिक रूप से बीमार होना बताया है।

ब्लॉक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को किशोरी के जंजीरों में बंधी होने की सूचना मिली। इस पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम मौके पर पहुंची। मौके पर पाया कि बाबूलाल मीणा की 14 वर्षीय बेटी रेखा के दोनों पांव जंजीर से खाट पर बंधे थे। टीम ने बालिका को मुक्त कराकर प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद उदयपुर में एक निजी चिकित्सा पहुंचाया।


शरीर पर जख्म

रेखा दोनों पांव में जंजीर खोलने के लिए हरदम प्रयास करती रहती। ऐसे में उसके शरीर पर कई जगह पर चोटें लगकर घाव हो रहे थे। दल के डॉ. अमजद सैफी, डॉ. कुंदन जैन, डॉ. आशीष प्रसाद, कुलदीप यादव ने किशोरी का प्राथमिक उपचार किया। परिजनों से प्राथमिक जानकारी जुटाते हुए जंजीर में बांधने की वजह जानी। किशोरी को पेसिफिक हॉस्पिटल उदयपुर भेजा। जहां शारीरिक जांच हुई।

जांच से स्पष्ट होगी स्थिति
परिजनों ने रेखा के मानसिक रोगी होने की जानकारी दी है। बताया कि वह कपड़े फाड़ देती है। घर से बाहर निकल जाती है। उसकी हरकतों से परेशान होकर घर में बांध रखा था। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

डॉ. गजानंद गुप्ता, बीसीएमओ, सलूम्बर

Updated on:
10 May 2019 01:32 pm
Published on:
10 May 2019 01:28 pm