उदयपुर

Film padmavati पर रणधीर की रणभेरी, प्रदेश में रिलीज नहीं होने देंगे

-गृहमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखें, हम कानून व्यवस्था बनाए रखने में भागीदारी देने वाले लोग हैं।  
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Nov 14, 2017
Film Padmavati Release in udaipur

उदयपुर . वल्लभनगर विधायक रणधीर सिंह भींडर ने कहा कि राजस्थान में संजय लीला भंसाली की फिल्म पदमावती को रिलीज नहीं होने देंगे। यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं है, कानून और व्यवस्था का भी मामला नहीं है। यह हमारी अस्मिता का मामला है। रणधीर बोले-मेरी ‘दादी’ के ऊपर कोई फिल्म बना रहा है और मुझे कुछ भी बताए बिना आपत्तिजनक चीजें उसमें डाल देगा तो हम तो विरोध करेंगे ही।

तल्खी से बोले-गृहमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखें, हम कानून व्यवस्था बनाए रखने में भागीदारी देने वाले लोग हैं। मां की इज्जत पर जब कुछ आएगा तो कानून व्यवस्था क्या होती है, हम सब कुछ तोडेंगे। जनता सेना ने फिल्म को प्रतिबंधित करने की मांग को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। फिल्म को प्रतिबंधित नहीं करने पर जनता सेना ने उदयपुर कलक्ट्री पर २४ नवंबर से विशाल धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।

सलूंबर. सर्व हिंदू संगठन व करणी सेना के तत्वावधान में सोमवार को बैठक हुई। इसमें पद्मावती फिल्म के विरोध में मंगलवार को सलूम्बर बंद का निर्णय लिया गया। करणी सेना के संरक्षक कालवी सभा को संबोधित करेंगे मंगलवार को विरोध स्वरूप सलुम्बर बंद कर हाड़ी रानी राजमहल प्रांगण में प्रदेश अध्यक्ष महिपालसिंह के मुख्य आतिथ्य में हुंकार रैली के साथ सभा होगी।

राजकीय संस्थान, विद्यालय, बैंक, हॉस्पिटल व चिकित्सा सेवा बंद से मुक्त रहेगी। बैठक में विहिप जिलाध्यक्ष पूर्णेश शर्मा, तहसील अध्यक्ष पर्वत सिंह राठौड़, नगर पालिका उपाध्यक्ष विजेश भलवाड़ा समेत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच, विहिप, विद्यार्थी परिषद, भारत सेवा संस्थान,अधिवक्ता परिषद सहित सभी संगठन के कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित थे।

ट्रेलर में पोशाक और घूमर नृत्य गैर पारम्परिक
विरोध प्रदर्शन के बीच पार्षद और नगर निगम की राजस्व समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र जावलिया जगदीश चौक पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने एवं पुलिस ने व्यापारियों से समझाइश की। जावलिया ने बताया कि स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ सिद्धार्थ सिहाग 20 नवंबर के बाद उदयपुर लौटेंगे, तब व्यवसायियों की समस्याओं पर चर्चा कर समाधान करवा देंगे। इससे सहमत होकर व्यापारियों ने दोपहर करीब १२ बजे दुकानें खोली।

ई-मेल भेजा था कि इतिहास से नहीं करें छेड़छाड़
भींडर ने कहा कि कई दिनों से प्रयास कर रहे हैं। न सरकार कुछ कर रही ना निर्माता की ओर से कोई संदेश आ रहा है। पदमावत उपन्यास को इतिहास बना कर परोसा जा रहा है। हम कला और कलाकार के विरुद्ध नहीं हैं। जब फिल्म बनाना शुरू किया तब हमने ओपी सिंह को निर्माता से मिलने भेजा था। मेरी भतीजी ने भी ई-मेल भेजा कि इतिहास से छेड़छाड़ नहीं करें। ज्ञापन दे रहे हैं, ताकि प्रधानमंत्री और सूचना प्रसारण मंत्री को इसकी सूचना तो मिले।

विरोध में किए हस्ताक्षर
राष्ट्रवादी युवा वाहिनी के तत्वावधान में सोमवार फिल्म के प्रसारण का विरोध किया गया। फिल्म के विरोध में सोमवार को सकल राजपूत महासभा मेवाड़ की ओर से तीतरड़ी, सवीना चौराहे पर हस्ताक्षर अभियान चलाया। तनवीर सिंह कृष्णावत, तख्तसिंह शक्तावत, राजेन्द्रसिंह सिसोदिया मौजूद थे। इधर, शहर के विभिन्न संगठनों की सोमवार को बैठकें हुई। फिल्म पर रोक लगाने की मांग की गई। भाजपा किसान मोर्चा के नरेन्द्रसिंह शेखावत, राजपूत करणी सेना के डॉ. जयसिंह जोधा ने विचार रखे।

बैठक आज
फिल्म के विरोध में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के महामंत्री कृष्णावत ने बताया कि मंगलवार को चित्रकूट नगर स्थित मीरा मेदपाट भवन में शाम 4.30 बजे समाजजनों की बैठक होगी।

पद्मिनी व्यक्ति या जाति की नहीं, सम्पूर्ण राजस्थान की पहचान हैं
पद्मावती फिल्म अभी सेंसर बोर्ड ने पास नहीं की है। विरोध में मिले ज्ञापन कला एवं संस्कृति विभाग को भेजे गए हैं। फिल्म में ऐसे तथ्य देखने को कहा गया है, जिनसे इतिहास के साथ छेड़छाड़ हो रही है। पद्मिनी व्यक्ति या जाति की नहीं, सम्पूर्ण राजस्थान की पहचान हैं। राजस्थान का इतिहास उनसे गौरवान्वित है। ऐसा दुनिया में कोई उदाहरण नहीं मिलता। उन्हें लेकर कोई छींटाकशी नहीं होनी चाहिए।

गुलाबचन्द कटारिया, गृहमंत्री

Updated on:
14 Nov 2017 01:38 pm
Published on:
14 Nov 2017 02:39 am