
मो. इलियास/ उदयपुर . बापूबाजार के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में प्रोपर्टी डीलर हिस्ट्रीशीटर कन्नू कुमावत पर फायरिंग कुख्यात अपराधी आजम ने फरार हुए आरोपी आदित्य राजपूत को भेजकर करवाई थी। पुलिस ने आदित्य के उदयपुर में अस्थायी ठिकाने चंपालाल धर्मशाला में दबिश दी तो उन्हें उसके कमरे में एक पासबुक मिल गई। बैंक एन्ट्री में मई व जून में लगातार ऑनलाइन पांच-पांच हजार रुपए करके करीब 40 हजार आजम द्वारा ट्रांसफर करने का खुलासा हुआ है। फायरिंग के बाद सोमवार रात को भी उसने 5 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए।
उपाधीक्षक भगवतसिंह हिंगड़ ने बताया कि मौके से धरे गए वैशाली जिले के वाजिदपुर जल्लाया निवासी पंकज (20) विश्वैश्वर साहनी से पूछताछ में कई राज खुले हैं। पंकज ने पुलिस को बताया कि फरार आरोपी आदित्य पुत्र मदनप्रताप सिंह राजपूत उत्तरप्रदेश के व्यासपुर साहूपुरी चंदोली का रहने वाला है। तीन साल से दोनों उदयपुर में रहकर मजदूरी के साथ ही कई काम कर रहे थे। वारदात के बाद आदित्य के फरार होने पर पुलिस ने यूपी पुलिस से उसका रिकॉर्ड लिया। गौरतलब है कि है कि बापूबाजार में सहेलीनगर निवासी कन्हैया लाल (58) पुत्र डालचंद कुमावत पर सोमवार शाम बापूबाजार में दो नकाबपोश युवकों ने फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने पीछा कर मौके पर ही पंकज साहनी को पकड़ लिया था जबकि मुख्य आरोपी उत्तरप्रदेश निवासी आदित्यसिंह राजपूत फरार हो गया था।
रात को भी आजम ने डाली और राशि
पुलिस ने बताया कि आरोपी आदित्य आजम के सम्पर्क में था। उसने संभवत: फिरौती के लिए ही उसे फायरिंग की सुपारी दी थी। आदित्य के भाग छूटने पर पुलिस ने चम्पालाल धर्मशाला में दबिश देकर कमरे की जांच की तो उसे सिंडिकेट बैंक की पासबुक मिली। सूरजपोल थानाधिकारी आदर्श कुमार, भूपालपुरा थानाधिकारी हरेन्द्र सौदा, सीआई गोवर्धनसिंह भाटी ने बैंक से खाता की डिटेल निकलवाई तो पता चला कि मई व जून से आजम लगातार आरोपी आदित्य को पांच-पांच हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर रहा था। फायङ्क्षरग के बाद सोमवार रात को भी उसने पांच हजार रुपए डाले। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में आए मोबाइल नम्बर पर पुलिस ने उसकी जांच की तो पता चला कि वह नम्बर आजम का निकला। पुलिस ने उस पर कॉल किया तो आजम की तस्दीक हो गई। पुलिस का कहना है कि इस पूरे खेल में आजम शामिल है।
7 दिन से धर्मशाला में डेरा, की रैकी
आरोपी आदित्य व पंकज पिछले तीन साल में उदयपुर रह रहे थे लेकिन ठेकेदार को धोखा देने के लिए वे सात दिन पहले ही गांव जाने का कहकर निकल गए। इसके बाद आरोपियों ने चम्पालाल धर्मशाला में कमरा किराए पर लिया। यहीं रहकर बाइक से कन्नू कुमावत की रैकी कर रहे थे। सोमवार शाम 4 बजे से वह नाड़ाखाड़ा में डेरा डाले हुए थे। 5.30 बजे कन्नू के आते ही उन्होंने उस पर फायर कर दिया। घटना के बाद आरोपी गांव भागने वाले थे, लेकिन योजना विफल हो गई।
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प्रोपर्टी डीलर में यहीं आरोपी हो सकते है शामिल
पंकज से प्रारंभिक पूछताछ एवं गत दिनों हुई फायरिंग की घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज में कैद आरोपी के हुलिये का मिलान आदित्य से हूबहू हो रहा है। पुलिस को अंदेशा है कि प्रोपर्टी डीलर कालूलाल जैन पर भी इन्हीं आरोपियों ने फायरिंग की। पुलिस इनसे पूछताछ में जुटी है।
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कार की फाटक में फंसी मिली गोली
फायरिंग के दूसरे दिन मंगलवार को एफएसएल टीम प्रभारी अभय प्रताप सिंह व अशोक कुमार ने कार का निरीक्षण किया। टीम को कार में दूसरी साइड में गोली फंसी हुई मिली। आरोपियों ने कार पर गोली बिल्कुल पास से ही चलाई थी, जो शीशे में छेद करते हुए कन्नू कुमावत के हाथ में लगकर दूसरी तरफ फाटक में जा धंसी।
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कई बाहरी अपराधियों को लाया आजम
- एनकाउंटर में मारे गए सोहराबुद्दीन व तुलसी को आजम ही उदयपुर में मार्बल व्यवसायियों से फिरौती के लिए उदयपुर लाया था। महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश के अपराधियों ने आजम के साथ मिलकर यहां कई व्यवसायियों को धमकियां दी। एक उद्यमी को धमकी देने के दौरान हमीद लाला ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे हाथीपोल चौराहे पर मार डाला। इस मामले दो अलग-अलग एफआईआर कटने से आजम बरी हो गया।
- शहर में फिरौती, अपहरण की कई घटनाओं जेल में रहने के दौरान आजम ने बाहरी कई अपराधियों से सम्पर्क कर वारदातों को अंजाम दिया।
- एनकांउटर केस में वह सीबीआई का गवाह भी रहा। हाल ही पत्नी के साथ कोर्ट को गुप्त पत्र भिजवाते हुए बयान देने का आग्रह किया।
- शहर में गत दिनों व्यवसायियों पर फायरिंग की घटनाओं में भी आजम का नाम सामने आया। आजम ने इन वारदातों में भी बाहरी अपराधियों को काम में लिया।