
उदयपुर. यूआईटी की खाली पड़ी जमीन को अपनी बताकर लोगों से राशि हड़पने वाले शातिर आरोपी को हिरणमगरी थाना पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया।थानाधिकारी डॉ.हनवंतसिंह ने बताया कि धोखाधड़ी के दो मामलों में एक वर्ष से फरार चल रहे आरोपी भीलों को बेदला सुखेर निवासी नितिन पुत्र कृष्णकांत पालीवाल को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने हनु बिल्डकोन के नाम से फर्म बना रखी थी। इसमें वह अपने साथियों के साथ मिलकर यूआईटी की खाली पड़ी जमीन को अपनी बताकर लोगों के साथ विक्रय इकरार कर रुपए हड़प लेता था। इसके अलावा वह उसने अन्य लोगों की जमीन को भी अपने स्वामित्व की बता कर फर्जी दस्तावेज से कई लोगों को विक्रय कर दी।पुलिस अभी आरोपी से पूछताछ में जुटी है। आरोपी नितिन के विरुद्ध हिरणमगरी, भूपालपुरा व सुखेर थाने में जमीन धोखाधड़ी के तीन प्रकरण हैं तथा चेक अनादरण के कई प्रकरण विभिन्न न्यायालयों में चल रहे है। आरोपी पिछले डेढ़ साल से फरार होकर मुम्बई, अहमदाबाद, सूरज, दिल्ली, चंडीगढ़, करनाल, नेपाल आदि जगह पर मार्बल व ग्रेनाइट का व्यापार कर रहा था। फरारी के दौरान वह उसने अपने पास मोबाइल नहीं रखे। कुछ जगह पर उसने नेपाल व बाहर की सिम काम में लेकर लगातार पुलिस को छकाया। अभी वह जयपुर के वैशाली नगर, राजेन्द्र नगर जयपुर में किराये का मकान लेकर रह रहा था।
यहां इनके साथ की धोखाधड़ी
- आरोपी ने सेक्टर-5 निवासी मंगल पुत्र छगनलाल जैन को बीएसएनएल ऑफिस के सामने स्थित जमीन को स्वयं की बता पैसे लेकर रजिस्ट्री करवा दी। बाद में यूआईटी कीे दल ने मौके पर बनी दीवार तोड़ी तो परिवादी को धोखाधड़ी का पता चला।
- फतहसिंह पुत्र भगवतीलाल मेहता को बीएसएनएल के सामने स्थित जमीन का ग्राम पंचायत कानपुर का फर्जी कागजात दिखाकर 1550 स्कवायर फीट का भूखंड 80 लाख ले लिए। उस भूखंड को किसी अन्य को भी विक्रय कर दिया जिसका अभी न्यायालय में वाद भी चल रहा है। बाद में उसी भूखंड की 6 जुलाई 2017 को निखिल कटारिया के नाम रजिस्ट्री करवा दी।
- बडग़ांव निवासी मगना पुत्र रताजी डांगी की ग्राम बेदला स्थित पैतृक जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपनी बताकर दूसरे लोगों के नाम विक्रय इकरार कर रुपए हड़प लिए।
- आरोपी नितिन पालीवाल व उसके साथियों ने चित्रकूट नगर में यूआईटी के भूखंड पर आवासीय प्लानिंग कर बेचने पर यूआईटी सचिव ने उसके विरुद्ध फर्जी दस्तावेज तैयाकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया।
- विनायक नगर निवासी कुणाल पुत्र डॉ.अनिल व्यास को आरोपी ने बीएसएनएल के सामने स्थित जमीन के नगर निगम व यूआईटी के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करवा कर 41 लाख रुपए लेकर रजिस्ट्री करवा दी। उससे पहले आरोपी उसी भूखंड को किसी अन्य को बेच चुका था।