इंडस्ट्रियल पंपों पर ईंधन महंगा मिलने के कारण फैक्ट्रियां अब सामान्य पेट्रोल पंपों से तेल भरवा रही हैं, जिससे शहर में मांग अचानक बढ़ गई है। लगातार बढ़ती खपत और सीमित सप्लाई के चलते कई पेट्रोल पंपों पर समय से पहले स्टॉक खत्म हो रहा है और तेल संकट गहराता जा रहा है।
उदयपुर. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर एक बार फिर बड़ा बोझ डाल दिया है। तेल कंपनियों ने 25 मई सुबह 6 बजे से पेट्रोल, डीजल और पावर पेट्रोल के दामों में फिर बढ़ोतरी कर दी। कीमतों में लगातार वृद्धि से वाहन चालकों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और औद्योगिक इकाइयों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि कंपनियां और सरकार अचानक बड़ा झटका देने की बजाय धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाकर बाजार को संभालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन लगातार बढ़ते दामों से हालात अब गंभीर होते जा रहे हैं।
3 दिन में फिर बढ़े दाम
पेट्रोल 113 रुपए पार, डीजल भी 99 रुपए के करीब
ईंधन 22 मई 25 मई बढ़ोतरी
पेट्रोल 110.66 113.49 2.83डीजल 95.80 98.52 2.72
स्पीड/पावर पेट्रोल120.31 123.14 2.83(सभी राशि रुपए में)
लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण लोगों में यह आशंका भी बढ़ने लगी है कि आने वाले दिनों में सरकार या कंपनियां एक साथ और बड़ी बढ़ोतरी कर सकती हैं। यही कारण है कि बाजार में अस्थिरता और उपभोक्ताओं में चिंता लगातार बढ़ रही है।
औद्योगिक इकाइयों ने बदला तरीका
पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद अब इसका असर सीधे बाजार और सप्लाई व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। औद्योगिक उपयोग के लिए संचालित कन्ज्यूमर पंपों पर तेल काफी महंगा पड़ने के कारण बड़ी फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों ने अब सामान्य उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से ईंधन भरवाना शुरू कर दिया है और यह लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इन पंपों पर भी कम पेट्रोल-डीजल मिलने पर वे कई गाडि़यों में भरवाकर वापस निकालकर औद्योगिक काम चला रहे हे। इंडस्ट्रियल पंपों को पेट्रोल-डीजल 25 रुपए प्रति लीटर अधिक कीमत पर मिल रहा है, जबकि सामान्य पंपों पर यह 12 से 15 रुपए प्रति लीटर सस्ता पड़ रहा है। ऐसे में बड़ी इकाइयां भी अब आम पंपों की ओर रुख कर रही हैं। इसका सीधा असर शहर के पेट्रोल पंपों पर बढ़ता ही जा रहा है, जहां अचानक डिमांड बढ़ने से स्टॉक जल्दी खत्म होने लगा है।
कई पंपों पर समय से पहले खत्म हो रहा तेल
शहर सहित कई जिलों में हालात ऐसे बन गए हैं कि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर क्षमता से अधिक बिक्री हो रही है। समय से पहले स्टॉक खत्म होने के कारण डीलर्स लगातार कंपनियों को अतिरिक्त डिमांड भेज रहे हैं। लेकिन कंपनियों सप्लाई नहीं दे रही। कई कन्ज्यूमर पंपों ने पिछले दिनों से तेल खरीद आधी से कम कर दी है, जबकि कुछ ने खरीद पूरी तरह बंद कर दी। इससे सामान्य पंपों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है और संकट गहराने लगा है।